"सावन माह में ही एक प्राचीन मंदिर को बंद करने की साजिश रची गई थी। इस साजिश में कुछ लोगों द्वारा सीमेंट और ईंट लगा कर मंदिर का मुख्य द्वार बंद करने की कोशिश की गई थी।"
बृजेश यादव की एक पोस्ट को मुस्लिम समाज के लोगों ने अपने समुदाय के खिलाफ बताया। उन्होंने इस अपनी मज़हबी भावनाओं को आहत करने वाला कहा तो पुलिस ने बृजेश यादव से पोस्ट को डिलीट करने को कहा।
अहमदिया लोगों के फोन जमा कर लिए थे बल्कि आस-पास लगे कैमरों को भी बंद करवा दिया था। इस दौरान अहमदिया लोगों को बंधक बना लिया गया था जिन्हें मीनारों को गिराने के बाद छोड़ा गया।