Thursday, July 25, 2024
Homeराजनीतिकॉन्ग्रेस ने सर्जिकल स्ट्राइक पर फिर उठाए सवाल, MP के CM कमलनाथ ने पूछा-...

कॉन्ग्रेस ने सर्जिकल स्ट्राइक पर फिर उठाए सवाल, MP के CM कमलनाथ ने पूछा- कब और कहाँ की स्ट्राइक?

"जब इंदिरा गाँधी की सरकार थी तब 90 हजार पाकिस्तानी जवानों ने सरेंडर किया था। लेकिन ये पाकिस्तानी जवानों के सरेंडर करने की बात ये नहीं करेंगे। कहते हैं, मैंने सर्जिकल स्ट्राइक की, कौन सी सर्जिकल स्ट्राइक की?"

सीमा पार सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाने वाली कॉन्ग्रेस ने अरसे बाद फिर से इस पर मुॅंह खोला है। अबकी बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इसके सबूत मॉंगे हैं। 2016 के सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा है कि यह कब और कहॉं हुई? बकौल कमलनाथ, सर्जिकल स्ट्राइक वह होता है, जो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गॉंधी ने 1971 में किया था।

उन्होंने ये बातें अपने निर्वाचन क्षेत्र छिंदवाड़ा में एक सभा को संबोधित करते हुए कही। सीएम कमलनाथ ने कहा कि देश की जनता जानना चाहती है कि सर्जिकल स्ट्राइक कब हुआ? कहॉं हुआ? इसका क्या परिणाम हुआ? सिर्फ मुॅंह से कह देने भर से काम नहीं चलेगा।

उन्होंने कहा, “जब इंदिरा गाँधी की सरकार थी तब 90 हजार पाकिस्तानी जवानों ने सरेंडर किया था। याद है ये सब बातें?” इसके बाद केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “पाकिस्तानी जवानों के सरेंडर करने की बात ये नहीं करेंगे। कहते हैं, मैंने सर्जिकल स्ट्राइक की, कौन सी सर्जिकल स्ट्राइक की? देश को कुछ तो बताइए सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में।”

कमलनाथ ने कहा कि केंद्र सरकार रोजगार और किसानों की स्थिति में सुधार की बात नहीं करती। उन्होंने कहा, “मैं आप से पूछना चाहता हूँ कि क्या आपने मोदी जी को पिछले छह से आठ महीने में युवाओं के बारे में बात करते हुए देखा है? क्या आपने पीएम मोदी को किसानों के बारे बात करते हुए सुना है।”

ज्ञात हो कि जिस सर्जिकल स्ट्राइक के प्रमाण की बात कमलनाथ कर रहे हैं वह उरी हमले के बाद भारतीय सेना ने की थी। राजीव गाँधी के बेहद करीबी रहे कॉन्ग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने भी इस पर सवाल उठाए थे। कॉन्ग्रेस नेताओं के अलावा अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी जैसे नेताओं ने भी इस पर संदेह जताते हुए मोदी सरकार से सबूत माँगे थे। बीते साल लोकसभा चुनावों के दौरान बालाकोट एयरस्ट्राइक को लेकर भी विपक्ष ने सवाल उठाए थे। हालॉंकि इससे राजनीतिक फायदा नहीं मिलने के बाद विपक्षियों नेताओं ने इस मसले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। लेकिन, वादाखिलाफी और पार्टी के भीतर विरोध से जूझ रहे कमलनाथ ने इसे एक बार फिर हवा देने की कोशिश की है।

डॉ शाहीन खान ने कराया मुंडन, कॉन्ग्रेस और कमलनाथ के झूठ से तंग: राहुल गाँधी को भेजे गए बाल

सिंधिया ने कहा- वादा पूरा नहीं हुआ तो सड़क पर उतरेंगे, जवाब में कमलनाथ बोले – उतर जाएँ

मध्य प्रदेश: नमाज के बाद नहीं करने दी माँ सरस्वती की पूजा, महिलाएँ बोलीं- चूड़ी पहन लो कमलनाथ!

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘दरबार हॉल’ अब कहलाएगा ‘गणतंत्र मंडप’, ‘अशोक हॉल’ बना ‘अशोक मंडप’: महामहिम द्रौपदी मुर्मू का निर्णय, राष्ट्रपति भवन ने बताया क्यों बदला गया नाम

राष्ट्रपति भवन ने बताया है कि 'दरबार' का अर्थ हुआ कोर्ट, जैसे भारतीय शासकों या अंग्रेजों के दरबार। बताया गया है कि अब जब भारत गणतंत्र बन गया है तो ये शब्द अपनी प्रासंगिकता खो चुका है।

जिसका इंजीनियर भाई एयरपोर्ट उड़ाने में मरा, वो ‘मोटू डॉक्टर’ मारना चाह रहा था हिन्दू नेताओं को: हाई कोर्ट से माँग रहा था रहम,...

कर्नाटक हाई कोर्ट ने आतंकी मोटू डॉक्टर को राहत देने से इनकार कर दिया है। उस पर हिन्दू नेताओं की हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -