वंदे मातरम से अंग्रेजों को दिक्कत थी और 'जिन्ना के मुन्ना' को दिक्कत है। सांसद अनुराग ठाकुर ने संसद में बयान देकर 'टू थ्योरी नेशन' वाली मानसिकता पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्य को सौ वर्ष पूर्ण हुए है। यह यात्रा परिश्रम पूर्ण और कुछ संकटों से अवश्य घिरी रही, परंतु सामान्य जनों का समर्थन उसका सुखद पक्ष रहा।
स्वामी विवेकानंद को लेकर गाँधी जी ने कहा था- "मैंने उनके कार्यों को बड़े गहरे से अध्ययन किया है, और उन्हें पढ़ने के बाद, जो प्रेम मुझे अपने देश के लिए था, वह हजार गुना बढ़ गया।"
जब वहाँ पहली बार नौका सेवा प्रारंभ की गई तो स्थानीय नाविकों ने इसका बहिष्कार कर दिया। फिर केरल से नाविकों को बुलाना पड़ा। ईसाइयों ने शिलालेख फेंक दिया था।