Tuesday, May 21, 2024

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The Telegraph

मंच टेलीग्राफ का, महफिल लूट ले गए आनंद रंगनाथन: ‘दीदी मीडिया’ की खोली पोल तो श्रोताओं का मिला समर्थन, आयोजक कराने लगे चुप

रंगनाथन ने कहा, "आप कहते हैं कि आप सत्ता के लिए सच बोलते हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि आपके लिए केवल मोदी ही सत्ता में हैं, दीदी नहीं हैं।"

‘द टेलीग्राफ’ ने वामपंथी संपादक को बनाया ‘एडिटर एट लार्ज’, मोदी विरोधियों को आ रही साजिश की बू: संकर्षण ठाकुर बने नए एडिटर

वामपंथी विचारधारा की तरफ झुकाव रखने वाले अखबार 'द टेलीग्राफ' के संपादक आर राजगोपाल का प्रमोशन हो गया है।

पीलिया के मरीज को सब पीला दिखता है: द टेलीग्राफ को भी लक्षद्वीप में पेड़ों पर ‘लाल’ नहीं, दिख रहा है ‘भगवा’

हिंदी में कहावत है, पीलिया के मरीज को सब पीला दिखता है। इसका मतलब है कि एक व्यक्ति को चीजों को वैसी ही देखता है जैसे उसके दिमाग ने पहले से सोचा हुआ है। यही हाल टेलीग्राफ का है।

‘गरीब शाज़िया की टिकटॉकर बेटी’: ‘द स्किन डॉक्टर’ के हास्य-व्यंग्य को ‘द टेलीग्राफ़’ ने मार्मिक रिपोर्ट के रूप में किया प्रकाशित

'द टेलीग्राफ' ने ट्विटर से एक दक्षिणपंथी सोशल मीडिया इन्फ़्ल्युएन्सर एकाउंट का ट्वीट उठाकर पूरी फर्जी घटना को रिपोर्ट की शक्ल में प्रकाशित करने का नायाब कारनामा किया है।

TheTelegraph का झूठ: दलित का खाना सिराज अहमद ने नहीं खाया था लेकिन खबर RSS को बदनाम करने के लिए लिखी

TheTelegraph का झूठ या प्रोपेगेंडा ऐसे समझिए। दलित से खाना ना लेने वाले का नाम सिराज अहमद है, लेकिन इस खबर में फोटो RSS कार्यकर्ताओं की लगाई गई है।

टेलीग्राफ है? बकवास ही करेगा: हिन्दू-घृणा से बजबजाते अखबार ने दलितों को वायरस कहा

बंगाल से छपने वाला अखबार होने के बावजूद ममता के शासन में यह पेपर भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या, हर जिले में हो रहे मजहबी दंगों और तमाम अपराधों से जलते बंगाल पर चुप्पी साध लेता है। ऐसे तमाम मौकों पर इनकी बुद्धि घास चरने चली जाती है और बेहूदे हेडलाइन सुझाने वाले एडिटरों की रीढ़ की हड्डी गायब हो जाती है। इनका सारा ज्ञान हेडलाइन में अपनी जातिवादी घृणा, हिन्दुओं से धार्मिक घृणा आदि में ही बहता रहता है।

घटिया ‘ट्रांस्लेशन’ के साथ ‘द टेलीग्राफ़’ ने लगाया स्मृति ईरानी पर बेहूदा इल्ज़ाम

‘पुरूषार्थ’ को ‘मैनहुड’ कहने वाले ऐसे ही लोग और संस्थान सबरीमाला जैसे संवेदनशील मामले को केवल माहवारी से जोड़ कर देख पा रहे हैं।

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