"वक्त आ गया है, जब देश के इतिहासकारों को इतिहास नए नजरिए से लिखना चाहिए। उन लोगों के साथ बहस में नहीं पड़ना चाहिए, जिन्होंने पहले इतिहास लिखा है। उन्होंने जो कुछ भी लिखा है, उसे रहने दीजिए। हमें सत्य को खोजना चाहिए और उसे लिखना चाहिए।"
अमित शाह ने विपक्ष के इन आरोपों को लेकर इनकार किया कि केंद्र सरकार चुनाव के समय गड़े मुर्दे उखाड़ रही है। उन्होंने पूछा कि पी चिदंबरम मामले के समय कौन सा चुनाव था? साथ ही उन्होंने पूछा कि जब अगस्ता-वेस्टलैंड हैलीकॉप्टर मामले में कार्रवाई की गई, तब कौन सा चुनाव था?
महाराष्ट्र में इस मौके पर बोलते हुए अपने भाषण में शाह ने कॉन्ग्रेस और एनसीपी पर भी निशाना साधा, उन्होंने कहा "केंद्र और महाराष्ट्र में कॉन्ग्रेस और NCP की सरकार थी, तो उन्होंने महाराष्ट्र को 5 वर्ष में केवल 1 लाख 15 हजार 500 करोड़ रुपए दिए।
अब ऐसे में जब राफेल की पूजा पर विवाद छिड़ा तो सैयद अतहर देहलवी ने बुधवार को अपने पुराने ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा कि राजनाथ सिंह ने फ्रांस में जो किया उसमें कुछ भी नया नहीं हैं।
5 अक्टूबर से यह ट्रेन रोज़ाना नई दिल्ली-कटरा और कटरा-नई दिल्ली के लिए दौड़ेगी। टिकट के बारे में बता दें कि चेयर क्लास का टिकट 1630 रुपए का है और एग्ज़ीक्यूटिव चेयर कार का टिकट 3,015 रुपए का होगा।
शाह ने कहा कि किसी भी हिन्दू, जैन, बौद्ध, सिख और ईसाई शरणार्थी को देश छोड़ने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि बंगाल में जब घुसपैठिए वाम दलों को वोट देते थे तो विपक्षी नेता के तौर पर ममता बनर्जी उन्हें बाहर निकालने की बात करती थीं।
अमित शाह ने आँकड़े गिनाते हुए कहा कि आज़ादी के बाद से भारत सरकार द्वारा अब तक जम्मू कश्मीर को 2,77,000 करोड़ रुपए भेजे जा चुके हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर यह रुपया कहाँ गया, कौन खा गया? अमित शाह ने जम्मू कश्मीर में पर्यटन की संभावनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि यह एक विकसित राज्य बनेगा।
"चूँकि इतिहास लिखने-लिखवाने की ज़िम्मेदारी उन्हीं लोगों के पास थी, जिन्होंने एक के बाद एक कई गलतियाँ की थीं, परिणामस्वरूप सही तथ्य लोगों तक नहीं पहुँच पाए और सच्चाई छिप गई। अब सही इतिहास लिख कर लोगों के सामने पेश करने का समय आ गया है। अब ग़लत इतिहास में सुधार करने का वक़्त आ चुका है।"