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अयोध्या फैसले से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने बुलाई उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक, शामिल होने पहुँचे अजीत डोभाल

रएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी राजधानी दिल्‍ली पहुँच चुके हैं। भागवत स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए हैं और वह आज दिल्‍ली में ही रहेंगे। गृह मंत्री अमित शाह के घर...

अयोध्या विवाद में फैसले की घड़ी आ गई है। सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना रहा है। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली संविधान पीठ ने 16 अक्टूबर को सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। पाँच सदस्यीय पीठ ने छह अगस्त से लगातार 40 दिन इस मामले की सुनवाई की थी। पीठ में मुख्य न्यायाधीश के अलावा जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एसए नजीर शामिल हैं।

अयोध्या में यह विवाद सदियों से चला आ रहा था। माना जा रहा है कि शनिवार को आ रहा फैसला इस पूरे विवाद पर पूर्णविराम लगाने में सफल होगा। अयोध्या फैसले को लेकर बीजेपी ने आज दिल्ली में बड़ी बैठक बुलाई है। जानकारी के मुताबिक गृह मंत्री अमित शाह ने अपने आवास पर एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक बुलाई है। इस बैठक में शामिल होने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, अमित शाह के आवास पर पहुँच चुके हैं। इसके अलावा इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के प्रमुख अरविंद कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होने वाले हैं।

इसी बीच आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी राजधानी दिल्‍ली पहुँच चुके हैं। भागवत स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए हैं और वह आज दिल्‍ली में ही रहेंगे। गृह मंत्री अमित शाह के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उनके घर के चारों तरफ बैरिकेडिंग कर दी गई है और किसी को भी वहाँ से गुजरने की इजाजत नहीं है।

वहीं उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एहतियात के तौर पर पूरे प्रदेश में स्कूल, कॉलेज, एजुकेशनल सेंटर और ट्रेनिंग सेंटर बंद रखने का फैसला लिया है। जानकारी के मुताबिक यूपी में 9 से 11 नवंबर तक स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी घोषित की गई है। संवेदनशील इलाकों में धारा 144 लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि वे प्रदेश में शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखें। योगी ने अपने अपील में कहा है कि प्रशासन सभी की सुरक्षा व प्रदेश में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कटिबद्ध है। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रदेश की जनता से यह भी अपील की है कि आने वाले फैसले को जीत-हार के साथ जोड़कर न देखा जाए और अफवाहों पर कतई ध्यान न दें।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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