प्रियांक खड़गे ने कहा था, "सावरकर का योगदान क्या है? कॉन्ग्रेस के दफ्तर में आयोजित एक प्रेस बैठक में मैंने डेढ़ घंटे इस पर बात की। भाजपा बताए कि सावरकर को 'वीर' वाला उपनाम कैसे मिला? किसने दिया?"
सोचिए ये कितना अचंभित करने वाला होगा कि एक सड़क पर घूमने वाला कुत्ता कई किलोमीटर दूर से चलकर उसी तीपेश के घर आ पहुँचा, जिसने उसकी जान बचाते हुए अपनी जान गवा दी।