इंडिया टुडे ने स्टिंग कर दावा किया था कि वंदे भारत के तहत टिकट के लिए एजेंट्स मनमाने पैसे वसूल रहे हैं। हरदीप सिंह ने बताया कि ऐसे लोगों पर काफी पहले कार्रवाई हो चुकी है।
30 मई को जिन मंत्रियों ने शपथ ली, उनकी जाति-धर्म पर शोध हुए और खबरें बना दी गईं। जाति और धर्म का एंगल देकर निष्कर्ष ये निकाला गया कि मोदी सरकार ने भले ही ‘सबका साथ-सबका विकास’ करने की कितनी ही कोशिश क्यों न की हो, लेकिन उनकी मंत्रिपरिषद में ऊँची जाति वालों का ही आधिपत्य है।