जिन्हें दोषी साबित किया गया है, उनके नाम हैं - नस्सर, साजिल, नजीब, नौशाद, कुंजू और अयूब। वहीं शफीक, अजीज, रफ़ी, सुबैर और मंसूर को दोषमुक्त करार दिया गया।
सात मुस्लिम छात्राओं ने ऑपरेशन थिएटर में हिजाब जैसी पोशाक पहनने की इजाजत माँगी है। केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित सरकारी मेडिकल काॅलेज में ये छात्राएँ एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं।
अल्फिया का कहना है कि वह अपनी मर्जी से अखिल के साथ शादी करने के लिए घर से तिरुवनंतपुरम आई थी। उसके घर वाले नहीं चाहते कि वह अखिल से शादी करे। लेकिन वह बालिग है। इसलिए अपनी जिंदगी के फैसले वह खुद ले सकती है।