राहुल गाँधी के करीबी सचिन राव ने गुरुवार को पार्टी के कार्यकर्ता एवं नेताओं को प्रशिक्षण दिए जाने वाले विशेष दल के नामकरण का जिक्र किया और पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गाँधी की उपस्थिति में चल रही बैठक में ही उन्हें 'प्रेरक' शब्द से संबोधित करने की बात कही। लेकिन......
थरूर पिछले कुछ दिनों से लगातार कॉन्ग्रेस पार्टी को सलाह पर सलाह दे रहे हैं। उन्होंने अपनी पार्टी को नसीहत दी कि भाजपा की सफलता से डरने की बजाय पार्टी अपने मूल विचारों पर ध्यान दे।
भाजपा अध्यक्ष की मानें तो सिद्धारमैया ने ऐसा इसलिए किया है, क्योंकि कॉन्ग्रेस में डीके शिवकुमार का कद तेजी से बढ़ रहा था। उनके मुताबिक यही कारण है कि डीके शिवकुमार की गिरफ्तारी के पीछे सिद्धारमैया हो सकते हैं।
इससे पहले शर्मिष्ठा दिल्ली प्रदेश कॉन्ग्रेस में प्रवक्ता बनाई गई थीं। इसी तरह अंशुल मीरा कुमार का भी प्रमोशन हुआ है। वह मीरा कुमार के बेटे हैं। मीरा कुमार पूर्व उप-प्रधानमंत्री जगजीवन राम की बेटी हैं।
ऐसा नहीं फ़िरोज़ गाँधी कॉन्ग्रेसी नहीं थे या राजनीति में उनकी हिस्सेदारी नहीं थी। गाँधी परिवार की परंपरागत सीट रायबरेली के पहले सांसद वही थे। फिर, बात-बात में नेहरू, इंदिरा और राजीव का नाम लेने वाले कॉन्ग्रेसी और उनका अगुआ शीर्ष परिवार फिरोज का नाम लेने से क्यों डरता है?
संभल स्थित कल्कि धाम के पीठाधीश्वर प्रमोद कृष्णन कॉन्ग्रेस की सभाओं में भी काफ़ी सक्रिय रहते हैं और यूपी में उन्हें पार्टी का आध्यात्मिक चेहरा माना जाता है। लेकिन, वह केवल बेढंगे और बेतुके बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं।
"मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट का स्पष्ट कहना है कि कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं को बहुत प्रताड़ित किया गया है। उनको न्याय मिलना चाहिए। इसलिए उन्होंने निर्देश दिए हैं कि कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं की ट्रांसफर पोस्टिंग का अच्छे से ख्याल रखा जाए।"
एजेंसी ने अदालत को बताया कि समन जारी किए जाने के बाद शिवकुमार हाजिर तो हुए लेकिन वह प्रश्नों का जवाब देने की बजाय टालमटोल करते रहे। ईडी के अनुसार, कॉन्ग्रेस नेता ने पूछताछ में सहयोग नहीं किया। शिवकुमार ने जानबूझ कर जाँच प्रक्रिया को पटरी से उतारने की कोशिश की।
प्रवीण चक्रवर्ती इससे पहले भी कॉन्ग्रेस डेटा सेल में रह चुके हैं। इस वर्ष हुए लोकसभा चुनाव के दौरान उन पर तत्कालीन कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी को ग़लत जानकारियाँ देने का आरोप लगा था। कॉन्ग्रेस का तो ये तक सोचना था कि प्रवीण चक्रवर्ती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदमी हैं।