Homeदेश-समाजकिस्मत रेप की तरह होती है, आप इसे रोक नहीं सकते तो एन्जॉय कीजिए:...

किस्मत रेप की तरह होती है, आप इसे रोक नहीं सकते तो एन्जॉय कीजिए: कॉन्ग्रेस सांसद की बीवी

कॉन्ग्रेस सांसद हिबी ईडन की पत्नी ने लिखा, "किस्मत रेप जैसी होती है, अगर आप इसे रोक नहीं सकते, तो इसे इंजॉय करने की कोशिश करिए।"

रेप जैसे घिनौने अपराध पर संवेदनहीन टिप्पणी करके कॉन्ग्रेस सांसद की पत्नी आज सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गईं। दरअसल, केरल में कॉन्ग्रेस सांसद हिबी ईडन की पत्नी ने मंगलवार को अपने एक फेसबुक पोस्ट में किस्मत या भाग्य को रेप जैसा बताया और उसका लुत्फ उठाने की भी सलाह दी। उन्होंने लिखा, “किस्मत रेप जैसी होती है, अगर आप इसे रोक नहीं सकते, तो इसे इंजॉय करने की कोशिश करिए।” अब इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें जमकर सुनाया और मीडिया में भी उनकी काफी फजीहत हुई।

हालाँकि, सोशल मीडिया पर इस टिप्पणी को लेकर घेरे जाने के बाद उन्होंने अपने फेसबुक अकॉउंट से ये पोस्ट हटा दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस पोस्ट के साथ उन्होंने 2 छोटे वीडियो क्लिप भी शेयर किए थे। जिसमें से एक में वह सिज्लर का आनंद उठाते हुए दिख रही थीं, जबकि दूसरी वीडियो उनके बच्चे को लेकर थी।

WhatsApp Image 2019-10-22 at 11.29.28

बता दें कि वर्तमान में कॉन्ग्रेस सांसद हिबी ईडन विधायक के पद से इस्तीफा देने के बाद कॉन्ग्रेस के टिकट पर एर्नाकुलम लोकसभा सीट से पहली भार चुनाव जीतकर सांसद बने हैं। ईडन ने उस क्षेत्र में अपनी जीत दर्ज करवाई है जिसे कॉन्ग्रेस का गढ़ माना जाता है।

वहीं, उनकी पत्नी अन्ना सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और लगातार सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करती रहती हैं। लेकिन इस बार अपनी अनुचित टिप्पणी के कारण उन्हें वी़डियो डिलीट करनी पड़ी और लोगों का गुस्सा भी झेलना पड़ा। इस पोस्ट को देखने के बाद यूजर्स ने कमेंट में तरह-तरह के बातें की , जिससे तंग आकर अन्ना को अपना पोस्ट को हटाना पड़ा। हालाँकि बता दें अभी तक हिबी या उनकी पत्नी ने इस पोस्ट की सफाई में कोई प्रतिक्रिया जारी नहीं की है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -