“बैरिकेड्स हटाए जाएँगे और हम दिल्ली में प्रवेश करेंगे। किसानों के ट्रैक्टर परेड से गणतंत्र दिवस के परेड या सुरक्षा इंतजाम पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ेगा। किसानों का ट्रैक्टर परेड ऐतिहासिक होगा।”
प्रशांत भूषण द्वारा दिल्ली पुलिस की छापेमारी पर सवाल खड़े किए जाने के बाद पुलिस ने बिन्दुवार तरीके से हर प्रश्न का जवाब दिया है। भूषण ने यह सवाल ISIS पोस्टर बॉय के वकील महमूद प्राचा के विरुद्ध की गई पुलिस की रेड पर खड़े किए थे।
जज ने चाँद बाग इलाके की निवासी तबस्सुम की जमानत याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उसके CDRs से पता चला है कि वह दिल्ली दंगों के कई सह-अभियुक्तों के साथ लगातार संपर्क में थी।
दिल्ली दंगों पर आपने कई रिपोर्ट पढ़ी होगी। अब पढ़िए उमर खालिद और ताहिर हुसैन का कबूलनामा, जो बताता है कि हिंदुओं के खिलाफ कितने बड़े स्तर पर प्लानिंग की गई थी।
अपराधी कथित रूप से फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल बनाते थे और लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते थे। ये लोग ज्यादातर 50 वर्ष से ज्यादा की उम्र वालों को अपना शिकार बनाते थे, जो आमतौर पर सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं।