Sunday, October 17, 2021
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योगेंद्र यादव का दावा- गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर रैली की मिली अनुमति, दिल्ली पुलिस ने किया इनकार

दिल्ली पुलिस ने अब एक बयान जारी किया है जो कि किसान नेता के दावे के विपरीत हैं। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि प्रस्तावित रैली के मार्गों के संबंध में उन्हें कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है।

किसान नेताओं ने शनिवार (जनवरी 23, 2021) को दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें गणतंत्र दिवस (Republic Day) के दिन ट्रैक्टर रैली करने की अनुमति दे दी है। जानकारी के मुताबिक किसान नेता अभिमन्यु कोहर ने दावा किया कि प्रदर्शनकारी किसानों ने पुलिस से मुलाकात की थी और उन्हें ट्रैक्टर रैली की अनुमति मिल गई है।

किसानों ने कहा है कि वह ट्रैक्टर परेड निकालेंगे, लेकिन वह शांतिपूर्वक निकलेगा। ‘इच्छाधारी प्रदर्शनकारी’ योगेन्द्र यादव ने कहा कि हमारे परेड के लिए दिल्ली पुलिस के साथ एग्रीमेंट तय हुआ है। इसके तहत रूट तय हुए हैं। इस संबंध में आखिरी डीटेल पर आज रात तक काम पूरा कर लिया जाएगा।

यादव ने कहा, “बैरिकेड्स हटाए जाएँगे और हम दिल्ली में प्रवेश करेंगे। किसानों के ट्रैक्टर परेड से गणतंत्र दिवस के परेड या सुरक्षा इंतजाम पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ेगा। किसानों का ट्रैक्टर परेड ऐतिहासिक होगा।”

किसान गणतंत्र परेड के नाम से होने वाला इस ट्रैक्टर परेड को लेकर भारतीय किसान यूनियन के गुरनाम सिंह चादुनी ने कहा है कि ट्रैक्टर रैली में भाग लेने वाले किसान भाइयों से अपील है कि वह परेड में अनुशासन बनाए रखेंगे और कमिटी की तरफ से जारी गाइडलाइन का पालन करेंगे, ताकि गणतंत्र दिवस के परेड में किसी को कोई परेशानी न हो।

दिल्ली पुलिस ने अब एक बयान जारी किया है जो कि किसान नेता के दावे के विपरीत हैं। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि प्रस्तावित रैली के मार्गों के संबंध में उन्हें कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है।

वहीं सोनीपत पुलिस ने कहा है कि उन्होंने ट्रैक्टर परेड के लिए पर्याप्त उपाय किए हैं और पर्याप्त संख्या में मैनपावर तैनात किए गए हैं।

गौरतलब है कि दिल्ली में 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली निकालने पर किसान अड़े हुए थे लेकिन दिल्ली पुलिस उन्हें रैली निकालने से रोकने की कोशिश कर रही थी। सुप्रीम कोर्ट में भी किसान आंदोलन के मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि इस पर फैसला पुलिस को लेना होगा।

बता दें कि किसान संगठन राजधानी के आउटर रिंग रोड पर ट्रैक्टर परेड के लिए अड़े हुए थे। लेकिन दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया था कि गणतंत्र दिवस की वजह से उनके लिए सुरक्षा दे पाना संभव नहीं हो सकेगा और आउटर रिंग रोड की जगह अलग अलग रूट्स के विकल्प दिए थे। यह बात अलग है कि दिल्ली पुलिस के साथ कई दौर की बातचीत के बाद भी किसी तरह का अंतिम नतीजा नहीं निकल पाया था। इस संबंध में शनिवार को होने वाली बैठक पर हर किसी की नजर थी।

दिल्ली एनसीआर में निकलने वाली ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए कई राज्यों के किसान दिल्ली आ रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता जोगेंद्र तालु ने शनिवार को दावा किया कि 26 जनवरी को भिवानी जिले से पाँच हजार ट्रैक्टर दिल्ली में प्रस्तावित किसानों की ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए रवाना होंगे। 

इससे पहले किसान नेताओं की सरकार के साथ बातचीत शुक्रवार (जनवरी 22, 2021) को फिर बेनतीजा ही रही। सरकार और किसान के बीच मीटिंग खत्म होने के बाद सरकार ने स्पष्ट कहा कि किसानों को आखिरी प्रस्ताव दिया गया है। सरकार की तरफ से किसान और सरकार के बीच अगली मीटिंग के लिए कोई तारीख तय नहीं हुई है।

किसानों के लंबे समय से चले आ रहे इस आंदोलन पर शुक्रवार को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा था कि ऐसी कई ताकते हैं तो आंदोलन को और आगे तक चलाना चाहती हैं। उनका इरादा है कि बातचीत से कुछ अच्छा निकलकर सामने न आए। ऐसी ताकतों से किसानों को दूर रहना चाहिए।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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