तब इन्हीं कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने खैरा के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा था कि वो पंजाब के इतिहास और अपने बयान के दुष्परिणामों की समझ से दूर 'ड्रामा' कर रहे हैं।
कैप्टेन ने 2017 में जबरन अपना नाम बतौर CM उम्मीदवार घोषित कराया। सिद्धू ने सोनिया गाँधी के पाँव छुए थे। अब दोनों की लड़ाई में किसान एंगल भी आ रहा है। आलाकमान किधर है, वक़्त बताएगा।