पश्चिमी यूपी युवा कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ओमवीर यादव, अभिनेत्री नगमा और सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी कंवल चड्ढा सहित कुछ उपद्रवियों और विपक्षी दलों के नेताओं ने इस दौरे का एक वीडियो पोस्ट किया।
ET ने दावा किया कि सरकार दूसरी वेव को मानने से इंकार कर रही थी इसलिए वह इस स्थिति के लिए उत्तरदायी है। अपने इस दावे को सही साबित करने के लिए उन्होंने प्रोफेसर को गलत तरीके से कोट किया।
इस पूरे मामले को देखने के बाद यही प्रतीत होता है कि स्क्रॉल ने जानबूझकर भ्रामक शीर्षक दिया जिससे शीर्षक देखने पर ही यह प्रतीत हो कि उत्तर प्रदेश में मदद माँगने पर भी एफआईआर हो रही है।
एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने इस फेक न्यूज पर कहा कि वार्ड में मरीजों के लिए ऑक्सीजन के आउटलेट पॉइंट बढ़ा रहे थे, ऐसे में इमरजेंसी वार्ड में ऑक्सीजन की कमी का कोई प्रश्न ही नहीं उठता।