Homeवीडियोदिल्ली दंगों की 8 कहानियाँ, जिसे मीडिया छुपा रहा: अजीत भारती के सवाल |...

दिल्ली दंगों की 8 कहानियाँ, जिसे मीडिया छुपा रहा: अजीत भारती के सवाल | Ajeet Bharti on Delhi Riots and Media Hiding Facts

पूर्वी दिल्ली, चाँद-बाग में स्थित एक घर। वो घर, जहाँ एक हिंदू की बेटी की शादी हो रही थी। ताहिर हुसैन के गुंडों और दंगाइयों के हमले और आगजनी से वो घर पूरी तरह जलकर खाक हो गया है और एक मलबे के ढेर में बदल चुका है। मजहबी दंगाइयों द्वारा घर के ऊपर लगातार...

पूर्वी दिल्ली, चाँद-बाग में स्थित एक घर। वो घर, जहाँ एक हिंदू की बेटी की शादी हो रही थी। ताहिर हुसैन के गुंडों और दंगाइयों के हमले और आगजनी से वो घर पूरी तरह जलकर खाक हो गया है और एक मलबे के ढेर में बदल चुका है। मजहबी दंगाइयों द्वारा घर के ऊपर लगातार पेट्रोल बम फेंके गए। लोगों के ऊपर हजारों की संख्या में टाइल्स फेंके गए। पूरा का पूरा पार्किंग लॉट फूँक दिया गया और सारी गाड़ियाँ जलकर कबाड़ में बदल चुकी हैं। 

आईबी के लिए काम करने वाले अंकित शर्मा की सैकड़ों बार चाकुओं से गुदी हुई लाश एक नाले से बरामद हुई है। लेकिन वामपंथी मीडिया ये कहानियाँ नहीं दिखाएगा क्योंकि ये कहानियाँ महत्वपूर्ण नहीं हैं। हिन्दुओं की मौत से इस देश की मीडिया को कोई फर्क नहीं पड़ता है।

पूरी वीडियो यहाँ क्लिक कर के देखें

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत भारती
अजीत भारती
पूर्व सम्पादक (फ़रवरी 2021 तक), ऑपइंडिया हिन्दी

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चंदन गुप्ता याद हैं? जिन्हें ‘भारत माता की जय’ बोलने पर मुस्लिमों की भीड़ ने उतारा मौत के घाट: समझें वंदे मातरम बिल की...

चंदन गुप्ता हत्याकांड को समझने के लिए जरूरी माना जाता है कि वंदे मातरम् बिल में संशोधन की जरूरत क्यों महसूस की जा रही है।

जौहर यूनिवर्सिटी विवाद के बीच अल्पसंख्यक संस्थानों में आरक्षण पर बहस, AMU-JMI में भी कोटा सिस्टम लागू नहीं: समझें इस ‘दोहरी व्यवस्था’ पर क्यों...

बहस इस बात की है कि मुस्लिम जातियाँ अन्य संस्थानों में OBC आरक्षण का लाभ लेती हैं, लेकिन अपने संस्थानों में हिंदुओं को मौका क्यों नहीं देती?
- विज्ञापन -