Monday, January 24, 2022
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कावर झील पक्षी विहार या किसानों के लिए दुर्भाग्य? Kavar lake, Manjhaul, Begusarai

इस झील के पास 60 प्रकार की प्रवासी चिड़ियाँ आती हैं और 100 प्रकार की देशी प्रजाति के पक्षी इस झील के आस-पास निवास करते हैं। इस साइट को देखते हुए व इसकी महत्ता को समझते हुए कुछ समय पहले UNEP इस जगह को रॉमसेट साइट घोषित कर चुका है।

बिहार में मीठे पानी की सबसे बड़ी झील बेगूसराय के मंझौल में है। इस झील का नाम कावर झील पक्षी विहार है। तकरीबन 15000 एकड़ में फैली इस झील की विशेष महत्ता है कि यहाँ कई प्रकार की वनस्पतियाँ पाई जाती हैं। इसके अलावा कई तरह के लैंड बर्ड्स, वाटर बर्ड्स ने भी इस जगह को अपना घर बनाया हुआ है।

इस खास झील की जानकारी और इसके कारण प्रभावित होते किसानों की बात आप तक पहुँचाने के लिए ऑपइंडिया संपादक अजीत भारती ने स्वतंत्र पत्रकार व कावर झील को लेकर खासी जानकारी रखने वाले महेश भारती से बात की। उन्होंने बताया कि 15000 एकड़ में फैली यह झील गोखुर झील है, जिसकी आकृति बरसात के दिनों में बढ़ जाती है जबकि गर्मियों में यह 3000-5000 एकड़ में सिमट कर रह जाती है।

महेश भारती के अनुसार, इस झील के पास 60 प्रकार की प्रवासी चिड़ियाँ आती हैं और 100 प्रकार की देशी प्रजाति के पक्षी इस झील के आस-पास निवास करते हैं। इस साइट को देखते हुए व इसकी महत्ता को समझते हुए कुछ समय पहले UNEP इस जगह को रॉमसेट साइट घोषित कर चुका है।

पूरी बातचीत का वीडियो इस लिंक पर क्लिक करके देखें।

 

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अजीत भारती
पूर्व सम्पादक (फ़रवरी 2021 तक), ऑपइंडिया हिन्दी

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