Wednesday, July 28, 2021
Homeव्हाट दी फ*₹1610 करोड़ एक झटके में चले जाएँगे, खो गया पासवर्ड लिखा कागज: मुश्किल में...

₹1610 करोड़ एक झटके में चले जाएँगे, खो गया पासवर्ड लिखा कागज: मुश्किल में फँसे जर्मन प्रोग्रामर

जर्मन प्रोग्रामर की दिक्कत ये है कि जिस पेपर पर उन्होंने प्राइवेट की का पासवर्ड लिख रखा था, वो खो गया है। पासवर्ड पाने के 10 मौके भी मिलते हैं, लेकिन अफसोस उन्होंने उसमें से भी...

क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) का मूल्य पिछले 1 साल से भी कम समय में 3000 डॉलर से 40,000 डॉलर तक जा चुका है, जिससे निवेशकों को लगभग 13 गुना रिटर्न मिला। कुछ ऐसे लोग थे जिन्होंने Bitcoin तब खरीदी थी, जब इसकी कीमत कौड़ियों के भाव भी नहीं थी। आज उनमें से कई करोड़पति बन चुके हैं। लेकिन, सैन फ्रांसिस्को में रह रहे जर्मन प्रोग्रामर स्टेफन थॉमस के लिए चीजें और मुश्किल हो गई हैं। उनके पास पासवर्ड गेस करने के मात्र 2 मौके बचे हैं, वरना 220 मिलियन डॉलर (1608 करोड़ रुपए) के Bitcoins चले जाएँगे।

उन्हें Ironkey नामक एक छोटे हार्ड ड्राइव को अनलॉक करना होगा। उन्होंने जिस डिजिटल वॉलेट में 7002 Bitcoins रखे थे, उन्हें पाने के लिए उसके प्राइवेट कीज चाहिए, जो इसी में हैं। हाल के दिनों में Bitcoin का मूल्य गिर कर 33,000 डॉलर पर आया है, लेकिन फिर भी पिछले एक महीने में ये 50% ऊपर है। दुनिया के कई बड़े निवेशकों और बैंकों के अलावा बड़ी कंपनियों की भागीदारी से अंततः इसके और आगे बढ़ने की उम्मीद है।

हाल ही में BTC/Bitcoin ने अपने ऑल टाइम हाई 20,000 डॉलर के स्तर को छुआ था। इसके कारण कई अन्य क्रिप्टो करेंसियों को भी फायदा होता है, जिनकी संख्या सैकड़ों में हैं और वो 1 रुपए से भी कम मूल्य से लेकर लाखों तक में उपलब्ध हैं। अब थॉमस को दिक्कत ये है कि जिस पेपर पर उन्होंने प्राइवेट की का पासवर्ड लिख रखा था, वो खो गया है। अब Ironkey 10 मौके देता है, जिनमें से 8 उन्होंने गँवा दिए।

अगर अगले दो मौके चले गए तो ये कंटेंट्स को हमेशा के लिए एन्क्रिप्ट कर देगा और सीज हो जाएगा। Bitcoins की संख्या 2.1 करोड़ की है और इनमें से 1.85 करोड़ को माइन किया जा चुका है। जिन्होंने पासवर्ड खो दिया, वो Bitcoins हमेशा के लिए लॉक्ड हो है और अब वो कभी वापस नहीं जाएँगे, जिससे Bitcoins की संख्या घटती जाएगी। संख्या कम होने के कारण मूल्य और बढ़ता है। थॉमस कहते हैं कि अब वो दिन-रात सोते हुए यही सोच रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वो नई रणनीति के पास कम्प्यूटर पर बैठेंगे, फिर कुछ न कुछ गड़बड़ होने की आशंका है। विशेषज्ञों ने कहा है कि अब तक 20% Bitcoins हमेशा के लिए खो चुके हैं। ऐसे ही एक अन्य व्यक्ति ने इसके मूल्य बढ़ने की उम्मीद न होने के कारण पासवर्ड्स खो दिए। Bitcoin का कोई प्रबंधक नहीं है, इसका निर्माता कहाँ गया किसी को नहीं पता – ऐसे में पासवर्डस रिसेट करने के लिए कोई मौका नहीं है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘बिहारियों के पास ज्यादा दिमाग नहीं होता’: तमिलनाडु के मंत्री KN नेहरू, DMK ने प्रशांत किशोर को बनाया था रणनीतिकार

तमिलनाडु के मंत्री व सत्ताधारी पार्टी DMK नेता KN नेहरू ने सरकारी नौकरियों को लेकर कहा कि बिहारियों के पास हमारी तरह ज्यादा दिमाग नहीं होता।

बसवराज बोम्मई ने ली कर्नाटक CM की शपथ, ‘जंजीर’ देख रहे थे पिता जब मिली थी मुख्यमंत्री चुने जाने की खबर

भाजपा नेता बसवराज बोम्मई (Basavaraj Bommai) ने बुधवार (28 जुलाई, 2021) को कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। जानिए उनके बारे में।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,617FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe