Sunday, May 29, 2022
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वजन 500 टन, लंबाई 60 फीट… बिहार में यह पुल ‘सरकारी कर्मचारियों’ ने चुरा लिया… स्पेशल 26 स्टाइल में

जेसीबी से जब पुल उखाड़ा जा रहा था, तो ग्रामीणों ने चोरों से पूछा कि यह किसके आदेश पर हो रहा है? तब चोरों ने उन लोगों को बताया कि वह सिंचाई विभाग के कर्मी हैं और अपना काम कर रहे हैं।

बिहार के रोहतास जिले से चोरी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुल ही चोरी कर लिया। लोहा का पूरा पुल गायब! रोहतास जिले के नासरीगंज प्रखंड के आदर्श ग्राम अमियावर में आरा मुख्य नहर पर बने 60 फीट लंबे लोहे के पुल को चोर 4 अप्रैल को गैस कटर से काटकर, जेसीबी से उखाड़कर ले गए।

चोरों ने जिक पुल की चोरी की है, वो 12 गाँवों को जोड़ने के लिए आरा नहर पर बनाया गया था। हैरानी की बात यह कि प्रशासन व जल संसाधन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। 50 साल पुराने, 500 टन के स्टील ब्रिज (500 tonne steel bridge) की चोरी को लेकर एफआईआर दर्ज कराई गई है।

सासाराम से करीब 40 किलोमीटर दूर अमियावर गाँव में पुल की चोरी चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि 5 साल पहले एक समानांतर कॉन्क्रिट पुल के खुलने के बाद से चोर लोहे वाले पुल को काटने में जुट गए थे, लेकिन उन्होंने कभी भी नहीं सोचा था कि एक दिन चोर इसे पूरा ही गायब कर देंगे।

ग्रामीणों के अनुसार, पहले भी पुल से निकले लोहे को कुछ लोग कई बार पिकअप वैन पर लादकर ले गए थे। लेकिन सोमवार (4 अप्रैल 2022) को जेसीबी से जब पुल उखाड़ा जा रहा था, तो ग्रामीणों ने उनसे पूछा कि यह किसके आदेश पर हो रहा है? तब चोरों ने उन लोगों को बताया कि वह सिंचाई विभाग के कर्मी हैं और अपना काम कर रहे हैं।

500 टन का पुल
बिहार में चोर 500 टन का पुल रातों रात उखाड़कर ले गए (फोटो साभार: TOI)

पुलिस अधिकारी सुभाष कुमार ने बताया कि पुल काटने के लिए और इसे उखाड़ कर ले जाने के लिए चोर बुलडोजर और गैस कटर लेकर आए थे। इस मामले में जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता राधेश्याम सिंह ने बताया कि वे अवकाश पर हैं। घटना की जानकारी होने पर जूनियर इंजीनियर (जेई) को तत्काल थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।

सहायक अभियंता ने बताया कि उस पुल का अब उपयोग नहीं होता था। स्थानीय मुखिया ने आवेदन देकर इसे हटाने का अनुरोध किया था, लेकिन किसी कानूनी प्रक्रिया के बिना यह पुल कैसे गायब हो गया, यह जाँच का विषय है। जल संसाधन विभाग के जूनियर इंजीनियर कमल शमीम ने कहा कि उन्होंने इस मामले में गुरुवार को प्राथमिकी दर्ज की थी।

इस इलाके में पुल कांड से पहले पिछले साल खनन माफिया द्वारा रेत चुराने का मामला काफी सुर्खियों में रहा था। उस समय रेत की कीमत 200 करोड़ रुपए बताई गई थी।

यह कोई पहला मामला नहीं जब किसी देश में इस तरह से चोरों ने प्रशासन की नाक के नीचे से पुल गायब कर लिया हो। इससे पहले वर्ष 2012 में, चोरों ने चेक गणराज्य में ​दिनदहाड़े एक पुल चुरा लिया था। वहीं, इससे एक साल पहले, अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में चोरों ने एक पुल से 1 लाख डॉलर का स्टील चुराया था। 2004 में यूक्रेन में 36 फुट का एक पुल चुराया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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