Homeव्हाट दी फ*'ऊँट का मूत्र परोसने वाला इस्लामी कैफे': वीडियो सामने आने के बाद बहस शुरू,...

‘ऊँट का मूत्र परोसने वाला इस्लामी कैफे’: वीडियो सामने आने के बाद बहस शुरू, एक ने कहा – दिन में 3 बार पियो

ईरान के एक इस्लामी मेडिकल विशेषज्ञ ने कोरोना से लड़ने के लिए ऊँट का पेशाब पीने की सलाह दी थी। मेहदी सबिली ने लोगों को दिन भर में 3 बार ऊँट का मूत्र पीने की सलाह दी।

सऊदी अरब में एक वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिसके आधार पर ‘ऊँट का मूत्र परोसने वाला पहला इस्लामी कैफे’ खोले जाने की बात कही जा रही है। सोशल मीडिया में भी यह वीडियो खासा वायरल हो रहा है।

‘ऊँट का मूत्र’ को कई लोगों ने इस्लाम के खिलाफ माना है। इस वीडियो को सबसे पहले ‘टुगेदर अगेंस्ट रिलिजन ट्रेडर्स’ नामक पेज ने शेयर किया था। इस वीडियो के बारे में अभी कुछ खास पुष्टि नहीं हो सकी है।

इसमें देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति रेगिस्तान में बैठा हुआ है और एक गाड़ी से कुछ ड्रिंक्स बेच रहा है। वहाँ कई दाढ़ी वाले लोग भी हैं, जो उससे वो ड्रिंक्स खरीद रहे हैं।

ये साफ़ नहीं है कि ये कौन सी जगह है, या फिर इसकी भी पुष्टि नहीं हुई है कि ये वीडियो असली है या फिर इससे कोई छेड़छाड़ हुई है। सऊदी अरब के लेखक और राजनीतिक विश्लेषक तुर्की अल हमद ने चिंता जताते हुए कहा कि ऐसे लोगों की मौजूदगी में इस्लाम सचमुच खतरे में है।

सऊदी अरब में ऊँट का मूत्र पीने को लेकर अभी भी समाज दो हिस्सों में बँटा हुआ है और इस पर अक्सर वाद-विवाद होता रहता है, ताज़ा कैफे विवाद नया नहीं है।

‘सऊदी सेंटर फॉर मेडिकल रिसर्च’ ने 2009 में दावा किया था कि ऊँट के मूत्र का इस्तेमाल उस कैप्सूल को बनाने में किया जा सकता है, जो कैंसर व अन्य बीमारियों के खिलाफ लड़ाई में कारगर सिद्ध होगा। ईरान के एक इस्लामी मेडिकल विशेषज्ञ ने कोरोना से लड़ने के लिए ईरान के लोगों को ऊँट का पेशाब पीने की सलाह दी थी।

ईरान में ‘इस्लामी मेडिसिन’ का खूब चलन है और इसे लेकर अजीबोगरीब दावे होते रहे हैं। वहाँ ‘साइंटिफिक एजुकेशनल एसोसिएशन ऑफ इमाम सदगेहज मेडिसिन’ के इंस्टाग्राम पर 60000 फॉलोवर्स हैं और मेहदी सबिली इसके मुखिया हैं।

मेहदी सबिली ने लोगों को दिन भर में 3 बार ऊँट का मूत्र पीने की सलाह दी थी। उत्तरी ईरान में एक मौलवी ने कोरोना के मरीजों को एक खास परफ्यूम सूँघने को दिया था। उनमें से एक कुछ दिनों बाद चल बसा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

स्किन-केयर बिजनेस में पाकिस्तानी दे रहे इंसानी गर्भनाल से सहयोग, चीन से वियतनाम तक फैला था गिरोह: जानिए एंटी-एजिंग और कॉस्मेटिक उत्पादों में कैसे...

पाकिस्तान में अवैध रूप से इंसानी गर्भनाल प्रोसेस कर विदेश भेजने वाले रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जहाँ अस्पतालों से प्लेसेंटा खरीदा जाता था।

शुद्ध पेट्रोल गायब, E10 का विकल्प नहीं और हर गाड़ी पर E20 का बोझ: एथेनॉल नीति अच्छी, लेकिन आम आदमी को ईंधन चुनने की...

एथेनॉल ब्लेंडिंग से तेल आयात घट सकता है और किसानों को फायदा हो सकता है, लेकिन एक ही ईंधन सब पर थोपने के बजाय लोगों को विकल्प मिलना चाहिए।
- विज्ञापन -