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बाराबंकी में काशी विश्वनाथ की तर्ज पर ‘महादेवा कॉरिडोर’: लोध्रेश्वर मंदिर क्षेत्र की 15 एकड़ जमीन परियोजना में शामिल, यूपी सरकार ने जारी किया बजट

यूपी सरकार ने बाराबंकी में लोध्रेश्वर मंदिर के आसपास की 15 एकड़ जमीन पर काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर महादेवा कॉरिडोर बनाने के लिए बजट पास कर दिया।

लोकसभा चुनाव 2024 की अधिसूचना जारी होने से ठीक पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने बाराबंकी में लोध्रेश्वर महादेवा मंदिर के क्षेत्र को कॉरिडोर में बदलने के लिए निर्णायक कदम उठाया और लोध्रेश्वर मंदिर के आसपास की 15 एकड़ जमीन पर काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर महादेवा कॉरिडोर बनाने के लिए बजट पास कर दिया। ये बजट आसपास की जमीनों के अधिग्रहण के लिए जारी किया गया है, जिसकी कुल रकम 48.70 करोड़ रुपए है। इसमें से सरकार ने पहली किस्त के लिए करीब 7 करोड़ रुपए की पहली किस्त भी जारी कर दी।

बाराबंकी के डीएम सत्येंद्र कुमार ने बीते दिनों महादेवा कॉरिडोर के लिए लोध्रेश्वर महादेव मंदिर के आसपास की 4.7 हेक्टेअर जमीन की खरीद के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा था। इसके साथ ही पास की .372 हेक्टेअर सरकारी जमीन को भी खाली कराया जाना है। इस जमीन के अधिग्रहण में 127 घर और दुकानें आ रही हैं, जिसका अधिग्रहण किया जाना जरूरी हो गया था। हालाँकि अब सारे रास्ते खुल चुके हैं और प्रशासन जल्द ही महादेवा कॉरिडोर क्षेत्र में आने वाले घरों और मंदिरों का अधिग्रहण कार्य शुरू कर बैनामे की कार्रवाई पूरी कराएगी।

बाराबंकी के डीएम सत्येंद्र कुमार ने बताया कि सरकार ने बजट की पहली किस्त पास कर दी है, जिसके बाद अब कॉरिडोर के दायरे में आने वाली जमीनों का बैनामा कराया जाएगा। महादेवा कॉरिडोर के तहत कुल 15 एकड़ जमीन की पहचान की गई है, जो मंदिर क्षेत्र में है। इसके इलावा इस कॉरिडोर के आसपास भी करीब 25 करोड़ रुपए की लागत से विकास कार्य कराए जाएँगे।

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाराबंकी में बाढ़ के दौरान राहत सामग्री के वितरण के लिए रामनगर पहुँचे थे, तो उन्होंने लोध्रेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक भी किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोध्रेश्वर महादेव मंदिर को काशी विश्वनाम कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने की इच्छा जताई थी, और प्रशासन से इस परियोजना को तैयार करने के लिए कहा था। इस पर छह माह से काम चल रहा था और पैमाइश के बाद कार्ययोजना शासन को भेज दी गई थी, जिसे कैबिनेट की मंजूरी भी मिल गई। इसके लिए बजट जारी होने के साथ ही अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इच्छा तेजी से पूरी होती दिख रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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