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इजरायली मिले तो ‘मानवतावादी’ हो गए शाहिद अफरीदी, इस्लामी कट्टरपंथियों की गाली पड़ते ही जागा ‘उम्माह’: ली थी सेल्फी, दावा- मैंने फैन समझ फोटो खिंचवा ली

अफरीदी की वायरल तस्वीर को फ्रेंड्स ऑफ इजरायल ने अपने अकॉउंट पर साझा किया था। तस्वीर के साथ पोस्ट में लिखा था कि इजरायली बंधकों को छुड़ाने के लिए पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने अपना समर्थन दिया है। इसी पोस्ट के नीचे तमाम पाकिस्तानी और मुस्लिमों ने उन्हें लानत भेजी।

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी को एक सेल्फी के कारण अपने मुल्क के लोगों से गाली पड़ रही है। ये सेल्फी उन्होंने इजरायल के लोगों के साथ खिंची थी। बाद में इसे फ्रेंड्स ऑफ इजरायल की ओर से इसे सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया तो पाकिस्तानी इसे देख अफरीदी से नाराज हो गए कि आखिर उन्होंने इजरायल को समर्थन क्यों किया। अब इतने बवाल के बाद इस मामले में अफरीदी ने अपनी सफाई दी कि फोटो खिंचाते टाइम उन्हें लगा था कि वो लोग उनके फैन हैं। हालाँकि, अफरीदी की पोल फिर तब खुली जब ‘फ्रेंड्स ऑफ इजरायल’ अकॉउंट ने ही रिप्लाई देकर बताया कि फोटो खिंचाने वो लोग नहीं गए थे, बल्कि अफरीदी उनके पास आए थे।

क्या है मामला

अफरीदी की वायरल तस्वीर को ‘फ्रेंड्स ऑफ इजरायल’ ने अपने अकॉउंट पर साझा किया था। तस्वीर के साथ पोस्ट में लिखा था कि हमास द्वारा बंधक बनाए गए इजरायली को छुड़ाने के लिए पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने अपना समर्थन दिया है। इसी पोस्ट के नीचे तमाम पाकिस्तानी और मुस्लिमों ने उन्हें लानत भेजी थी। किसी ने उन्हें यहूदियों का एजेंट कहा था। किसी ने कहा कि उसे अफरीदी से घृणा आती है।

इन्हीं लानतों के बाद शाहिद अफरीदी ने लिखा, “कल्पना कीजिए कि आप मैनचेस्टर (यूके) की किसी सड़क पर टहल रहे हैं और तथाकथित प्रशंसक आपके पास सेल्फी लेने के लिए आते हैं। आप उनकी बात मान लेते हैं और कुछ ही क्षणों बाद, वे इसे ज़ायोनी समर्थन के रूप में अपलोड कर देते हैं। विश्वास नहीं होता! कृपया अपलोड की गई हर चीज़ पर विश्वास न करें।”

आगे अफरीदी ने कहा, “फिलिस्तीन में मासूम लोगों की जान जाते देखना वाकई दिल दहला देने वाला है। इसलिए, मैनचेस्टर में मेरे द्वारा शेयर की गई कोई भी तस्वीर या एसोसिएशन किसी भी ऐसी स्थिति के लिए मेरे समर्थन को नहीं दर्शाती है, जहाँ मानव जीवन दाँव पर लगा हो। मैं दुनिया भर के प्रशंसकों के साथ तस्वीरें लेता हूँ, और यह स्थिति भी अलग नहीं थी। मैं शांति के लिए दुआ करता हूँ, मैं इस जंग के अंत के लिए दुआ करता हूँ, मैं आजादी के लिए दुआ करता हूँ।”

उनके इस ट्वीट के बाद भी मुस्लिमों को यकीन नहीं हुआ कि वो सच बोल रहे हैं। सवाल हुआ कि क्या वो पढ़ नहीं पाए कि उनके फैंस के हाथ में क्या है। इधर ‘फ्रेंड ऑफ इजरायल’ ने भी कहा, “शाहिद अफरीदी तुमने खुद तस्वीर ली थी हमारे प्लेकार्ड के साथ, फिर हमारे साथ पोज करने को तैयार हुए। आप खुद से आए थे और अपनी मर्जी से सेल्फी दी थी। ये बेहद निराशजनक है कि आपउसमें से हैं जो मासूम बच्चों, महिलाओं और पुरुषों की रिहाई का विरोध कर रहे हैं जिन्हें हमास के आतंकियों ने बंधक बनाया हुआ है।”

इस ट्वीट के सामने आने के बाद शाहिद अफरीदी की और भी ज्यादा फजीहत हो रही है। अकॉउंट से कहा गया कि ये सब शाहिद अफरीदी इस्लामवादियों के दबाव में आकर बोल रहे हैं। अकॉउंट से कहा गया कि ये सब शाहिद अफरीदी इस्लामवादियों के दबाव में आकर बोल रहे हैं। अन्य पोस्ट में भी कहा गया है कि जब अफरीदी उनसे मिलने आए थे उन्होंने मास्क लगाया ता। उन्होंने खुद हमारे समूह के लोगों से एक लीफलेट लिया और फिर फोटो खींची। अफरीदी को अंग्रेजी पढ़नी आती है। पूरा समूह बड़े-बड़े पोस्टर लेकर खड़ा था। साफ लिखा था कि वो इजरायली हैं जो बंधक बनाए गए। उन्होंने फिर भी फोट खिंचाई। उन्होंने सब कुछ अपनी मर्जी से किया। अब इस्लामी कट्टरपंथियों की वजह से मुकर रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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