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‘अकाल तख़्त’ को स्वर्ण मंदिर में चाहिए 3 खालिस्तानी आतंकियों की तस्वीरें, शहीद बता कर निज्जर का भी महिमामंडन

‘अकाल तख़्त’ के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने कुछ ऐसी माँग कर दी है, जो अलगाववाद को बढ़ावा देने वाला है। उन्होंने ‘शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (SGPC)’ से माँग की है कि खालिस्तानी आतंकियों हरदीप सिंह निज्जर, परमजीत सिंह पंजवार और और गजिंदर सिंह की तस्वीरें स्वर्ण मंदिर परिसर स्थित सेन्ट्रल सिख म्यूजियम में लगाने के लिए कहा है। बता दें कि ये तीनों ही भारत में ‘वॉन्टेड’ रहे हैं। इन्होंने भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ा।

जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने SGPC और ‘दल खालसा’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए ये बातें कहीं। ये आयोजन गुरुद्वारा शहीद गंज बाबा गुरबक्श सिंह में हुआ था। इस सभा में गजिंदर सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। बता दें कि गजिंदर सिंह वही शख्स है, जिसके नेतृत्व में खालिस्तानी आतंकियों ने 1981 में इंडियन एयरलाइन्स के विमान का अपहरण किया था। हाईजैक करने के बाद प्लेन को पाकिस्तान के लाहौर ले जाया गया था।

सबसे खतरनाक खालिस्तानी आतंकी रहे जनरैल सिंह भिंडराँवाले की रिहाई के लिए इनलोगों ने ऐसा किया था। अब ‘अकाल तख़्त’ ने इन तीनों खालिस्तानी आतंकियों को बलिदानी बताया है। वहीं पंजवार ‘खालिस्तानी कमांडो फ़ोर्स (KCF)’ का मुखिया था, जिसे लाहौर में 6 मई, 2023 को मार डाला गया था। वहीं भारत सरकार द्वारा आतंकी घोषित हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा स्थित ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में हत्या कर दी गई थी। कनाडा ने इसका दोष भारत पर मढ़ा था।

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के इस आरोप के बाद दोनों देशों में रिश्ते तल्ख़ भी हो गए थे। भारत ने इन आरोपों को नकार दिया था। गजिंदर सिंह को लेकर ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा कि उन्होंने सिख सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया, सरकारों के सामने झुके नहीं। उन्होंने उसे तख़्त द्वारा सम्मान में तमगा देने की भी बात कही। 1995 में पाकिस्तान की जेल से निकलने के बाद से वो भटकता रहा था। SGPC के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी भी इस समारोह में मौजूद थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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