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बदन में सोना लपेटकर लाने वाली हिरोइन पर कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार मेहरबान, CID जाँच का आदेश वापस: IPS पिता के कहने पर ही रान्या राव को मिली प्रोटोकॉल सुविधाएँ

कर्नाटक सरकार ने मामले की गंभीरता बढ़ते देख 10 मार्च को CID जाँच का आदेश दिया था। हालाँकि यह आदेश 11 मार्च को गृह विभाग ने वापस ले लिया। इसके बाद राज्य सरकार की मंशा पर प्रश्न उठने लगे। काफी बवाल होने के बाद राज्य सरकार ने इस मामले में एक सफाई जारी की।

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सोना तस्करी के लिए पकड़ी गई अभिनेत्री रान्या राव को प्रोटोकॉल का फायदा मिलता था। यह फायदा रान्या के सौतेले पिता और DG रैंक के पुलिस अधिकारी के कहने पर दिए जाते थे। यह खुलासा DRI की पूछताछ में हुआ है। इस बीच इस मामले में CID जाँच का आदेश कॉन्ग्रेस सरकार ने वापस ले लिया है। पूछताछ से और भी जानकारियाँ सामने आई हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, DRI पूछताछ में राज्य के प्रोटोकॉल अफसर बसावराज इब्ब्लूर ने बताया कि रान्या की पैरवी उसके पिता करते थे। उसके पिता DGP रामचंद्र राव के कहने पर ही प्रोटोकॉल सुविधाएँ दी जाती थीं। बसावराज ने वर्तमान मामले में भी रामचंद्र राव की संलिप्तता को लेकर बात की है।

उसने बताया है कि रामचंद्र राव ने उसे फोन किया था और रान्या के एयरपोर्ट से निकलने के लिए ग्रीन चैनल तैयार करने को कहा था। रान्या ने भी बसावराज से फोन पर बात की थी। यह पूछताछ में खुलासा हुआ है। इस खुलासे के बाद रामचंद्र राव के इस मामले में रोल को लेकर और भी प्रश्न उठे हैं।

राव को लेकर जाँच राज्य के एक वरिष्ठ IAS अधिकारी को दी गई है। कयास हैं कि वह अब राव को नोटिस जारी कर सकते हैं। उनको छुट्टी पर भेजे जाने के कयास लगाए जा रहे हैं। इस मामले में अब जाँच के बाद ही स्थिति साफ़ हो पाएगी। वहीं कॉन्ग्रेस सरकार ने रान्या राव मामले में CID जाँच के लिए दिया गया आदेश वापस ले लिया है।

कर्नाटक सरकार ने मामले की गंभीरता बढ़ते देख 10 मार्च को CID जाँच का आदेश दिया था। हालाँकि यह आदेश 11 मार्च को गृह विभाग ने वापस ले लिया। इसके बाद राज्य सरकार की मंशा पर प्रश्न उठने लगे। काफी बवाल होने के बाद राज्य सरकार ने इस मामले में एक सफाई जारी की।

गृह विभाग ने एक नोटिस में बताया कि मामले की जाँच पहले ही IAS गौरव गुप्ता कर रहे हैं, ऐसे में CID जाँच नहीं करवाई जाएगी। हालाँकि, यह कारण कई लोगों को समझ नहीं आया। क्योंकि IAS गुप्ता की जाँच का केंद्र रामचंद्र राव का रोल है।

इस मामले में भाजपा ने भी राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार को घेरा है। वहीं इस बीच रान्या राव से ही DRI की पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। रान्या राव ने बताया है कि उसे दुबई एयरपोर्ट पर सोना एक अनजान आदमी ने दिया था और वह चला गया था।

इसके बाद सोने को छुपाने के लिए रान्या ने स्वयं एक टेप खरीदा था। इस टेप से उन्होंने यह सोना शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर चिपकाया। टॉयलेट पेपर से इसको कवर किया गया था। यहाँ तक इसके लिए कैंची भी रान्या राव पहले से बैग में रख कर लाइ थी।

यह भी पूछताछ में पता चला कि रान्या राव ने अपने जूते और जींस में तक सोना रख लिया था। यह कुल 14 किलो से अधिक सोना था जिसकी कीमत ₹12 करोड़ है। रान्या राव को बेंगलुरु में गिरफ्तार कर लिया गया था। उनके पास सोना मिलने के बाद लगातार इस मामले की जाँच चल रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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