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ग्रेटर नोएडा में फॉक्सकॉन लगाएगा 300 एकड़ का मैन्युफैक्चरिंग प्लांट, 40 हजार नौकरियाँ मिलेंगी: चीन पर अमेरिकी टैरिफ से भारत को फायदा

यमुना एक्सप्रेसवे के पास बनने वाला यह प्लांट उत्तर भारत में फॉक्सकॉन का पहला और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा प्लांट होगा। कंपनी एप्पल, सोनी और माइक्रोसॉफ्ट के लिए उत्पाद बनाती है।

चीनी उत्पादों पर अमेरिका द्वारा लगाए जाने वाले टैरिफ से भारत को फायदा हो सकता है। दुनिया भर में आईफोन की सबसे प्रसिद्ध कंपनी एप्पल अब टैरिफ के कारण चीन से अपने मैनुफैक्चरिंग प्लांट को हटाने पर विचार कर रही है। इसके लिए आईफोन बनाने वाली कंपनी फॉक्सकॉन अब उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में मैनुफैक्चरिंग प्लांट लगाने की योजना बना रहा है।

मैनुफैक्चरिंग के मेगा प्लांट लिए यमुना एक्सप्रेस के पास 300 एकड़ की जमीन खोजी जा रही है। उत्तर भारत में फॉक्सकॉन की ये पहली सुविधा होगी। भारत के दक्षिणी राज्यों में से बेंगलुरू, श्रीपरंबुदुर और हैदराबाद में मैनुफैक्चरिंग प्लांट पहले से ही लाए जा चुके हैं। साथ ही ग्रेटर नोएडा में शुरू होने वाली यह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सुविधा होगी।

40 हजार नई नौकरियाँ

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नया प्लांट के शुरू होने के बाद 40 हजार से भी अधिक नौकरियाँ निकलेंगी। साथ ही प्लांट के परिसर में ही में लोगों को रहने की भी सुविधा मिलेगी। फॉक्सकॉन एप्पल के साथ सोनी और माइक्रोसॉफ्ट के लिए भी उत्पाद तैयार करती है। एक खास बात ये भी है कि दुनिया भर के लगभग 50 प्रतिशत मोबाइल फोन ग्रेटर नोएडा में तैयार होकर भारत से निर्यात किए जाते हैं। ऐसे में इस जगह को चुनना कंपनी के लिए फायदेमंद सिद्ध हो सकता है।

नोएडा में प्लांट की खास वजह

नोएडा में कई मैनुफैक्चरिंग यूनिट हैं। ऐसे में यहाँ इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ सप्लायर और काम के लिए स्थानीय लोग भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा यमुना एक्सप्रेसवे से लगे होने के कारण नोएडा आसानी से पहुँचा जा सकता है। एक्सप्रेसवे, जेवर में बन रहे नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों से जोड़ता है।

ग्रेटर नोएडा में मैनुफैक्चरिंग यूनिट खोलने से फॉक्सकॉन (Foxconn) को आगे चलकर इलेक्ट्रॉनिक्स मैनुफैक्चरिंग सर्विसेज के लिए बेहतर अवसर मिल सकते हैं। इससे कई अन्य कंपनियों के लिए भी कंपनी उत्पाद तैयार कर सकती है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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