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जहाँ से तीनों सेनाओं ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की थामी थी कमान… वहाँ का जारी हुआ बुकलेट, सामने आई War Room की तस्वीरें

जारी की गई तस्वीरों में, भारतीय सशस्त्र बलों के शीर्ष अधिकारी, जिनमें थलसेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी भी शामिल हैं, ऑपरेशन रूम से इस हमले की सीधी निगरानी करते हुए दिख रहे हैं। एक तस्वीर जो रात 1:05 बजे की है, वह 'ऑपरेशन सिंदूर' के शुरू होने के समय को दर्शाती है।

भारतीय सेना ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के बारे में एक खास किताब (बुकलेट) निकाली है। इस किताब में पहली बार उस खास कमरे की तस्वीरें दिखाई गई हैं जहाँ से इस बड़े ऑपरेशन पर नज़र रखी जा रही थी।

इन तस्वीरों में आप देखेंगे कि सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह मिलकर इस ऑपरेशन पर लगातार ध्यान दे रहे थे। यह दिखाता है कि हमारी तीनों सेनाएँ किस प्रकार एकजुट होकर काम करती हैं।

यह खास कमरा असल में भारतीय सेना का कमांड सेंटर था। यहीं से ऑपरेशन सिंदूर की पूरी योजना बनाई गई और उस पर निगरानी रखी गई। इस किताब से सेना ने साफ कर दिया है कि यह ऑपरेशन पूरी तरह से सबकी जानकारी और तालमेल के साथ किया गया था, और तीनों सेनाओं के बड़े अधिकारी हर पल की खबर रख रहे थे।

रात के अंधेरे में आतंकियों पर सेना का करारा प्रहार

भारतीय सेना ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम से एक बेहद गोपनीय और सफल सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें पाकिस्तान समर्थित 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस ऑपरेशन में 100 से ज़्यादा आतंकवादी मारे गए, जो भारत की आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस‘ नीति का स्पष्ट प्रमाण है।

जारी की गई तस्वीरों में, भारतीय सशस्त्र बलों के शीर्ष अधिकारी, जिनमें थलसेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी भी शामिल हैं, ऑपरेशन रूम से इस हमले की सीधी निगरानी करते हुए दिख रहे हैं। एक तस्वीर जो रात 1:05 बजे की है, वह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के शुरू होने के समय को दर्शाती है। इन तस्वीरों में जनरल द्विवेदी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी ड्रोन फुटेज और सैटेलाइट तस्वीरों के लाइव प्रसारण को बेहद बारीकी से देखते हुए नज़र आ रहे हैं।

यह ऑपरेशन भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों, ड्रोन्स और नौसेना के उपकरणों के सटीक समन्वय का नतीजा था। हमले में कथित तौर पर स्कैल्प क्रूज मिसाइल, लेजर-गाइडेड बम और सशस्त्र यूएवी (अनमैन्ड एरियल व्हीकल्स) का इस्तेमाल किया गया। यह दिखाता है कि भारतीय सशस्त्र बल न केवल एकजुट हैं, बल्कि उनके पास अत्याधुनिक तकनीक भी मौजूद है, जिससे वे दुश्मन को उसके ही गढ़ में घुसकर मार गिराने में सक्षम हैं।

बुकलेट में क्या-क्या है?

पहलगाम हमले की तस्वीरें और उसके बाद सरकार ने कितनी तेज़ी से कदम उठाए और क्या-क्या तैयारियाँ कीं। ऑपरेशन सिंदूर में जिन आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनकी पूरी जानकारी। भारत की इस कार्रवाई को दुनिया भर से कितना समर्थन मिला। मीडिया ने इस बारे में क्या खबरें दीं और पाकिस्तान के गिराए गए ड्रोन्स का मलबा।यह बुकलेट यह भी बताती है कि भारत ने अब सीमा पार से होने वाले आतंकवाद से निपटने के लिए एक नया और पक्का तरीका अपना लिया है।

विदेश मंत्री ने की तारीफ

इन सभी दलों की कोशिशों की तारीफ करते हुए, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, “भारत आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (बिल्कुल बर्दाश्त नहीं) की नीति पर एकजुट है। एक साथ हमारी आवाज़ आतंकवाद से लड़ने का मजबूत संदेश दे रही है।” यह बात दिखाती है कि भारत कितना दृढ़ है और आतंकवाद से लड़ने के लिए दुनिया के देशों के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।

कुल मिलाकर, ऑपरेशन सिंदूर की यह किताब दिखाती है कि भारतीय सेना ने अपनी रणनीति बदल ली है, तीनों सेनाएँ बहुत अच्छे तालमेल से काम कर रही हैं, और भारत आतंकवाद के खिलाफ बिल्कुल भी नरमी नहीं बरतेगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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