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गजवा-ए-हिंद, काफिरों पर हमला, मोदी सरकार निशाने पर… आतंकी शमा परवीन निकली अलकायदा चीफ की फैन, भाषण सुनवाकर करती थी युवाओं का ब्रेनवॉश

शमा दो फेसबुक पेज और एक इंस्टाग्राम अकाउंट को संभालती थी, इससे करीब 10 हजार यूजर जुड़े हुए थे। शमा इसके सहारे ही अलकायदा और अन्य कट्टरपंथियों के भड़काऊ भाषण साझा करती थी। इनमें भारतीय मुस्लिम युवाओं को देश के लोकतंत्र को खारिज करके शरिया कानून लागू करने के लिए उकसाया जाता था।

गुजरात ATS की ओर से पकड़ी गई अलकायदा की मास्टरमाइंड शमा परवीन के बारे में हर दिन नए खुलासे हो रहें हैं। अब जानकारी में सामने आया है कि वह अलकायदा इंडिया सबकॉन्टिनेंट (AQIS) के चीफ रहे मौलाना असीम उमर से काफी प्रभावित थी। असीम को अलकायदा के चीफ अल जवाहिरी का चेला माना जाता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, AQIS से जुड़ी आतंकी शमा परवीन और उसके नेटवर्क का मकसद भारत में धार्मिक आधार बनाकर तनाव और हिंसा फैलाना था। इसके लिए वह डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का सहारा लेती थी।

जानकारी के अनुसार, ATS ने बताया है कि शमा दो फेसबुक पेज और एक इंस्टाग्राम अकाउंट को संभालती थी, इससे करीब 10 हजार यूजर जुड़े हुए थे। शमा इसके सहारे ही अलकायदा और अन्य कट्टरपंथियों के भड़काऊ भाषण साझा करती थी।

इनमें AQIS नेता मौलाना असीम उमर, अनवर अल-अवलाकी और लाहौर के लाल मस्जिद के मौलाना अब्दुल अजीज के भाषणों के वीडियो शेयर किए जाते थे। इनमें अधिकतर गजवा-ए-हिंद, काफिरों पर हमले और भारत सरकार के खिलाफ बातें कही गई होती थी।

ATS  ने बताया कि इनमें भारतीय मुस्लिम युवाओं को देश के लोकतंत्र को खारिज करके सशस्त्र विद्रोह करके शरिया कानून लागू करने के लिए उकसाया जाता था। शमा के सोशल मीडिया अकाउंट की जाँच में सामने आया है कि वह मौलाना असीम उमर के भड़काऊ बयान सोशल मीडया पर पोस्ट करके लोगों का ब्रेनवॉश करने की कोशिश करती थी।

बता दें कि 2014 में AQIS का चीफ मौलाना असीम उमर को बनाया गया था।अलकायदा चीफ अल जवाहिरी ने ही असीम को AQIS का चीफ भी बनाया था। उमर उत्तर प्रदेश के संभल का रहने वाला था, लेकिन बाद में पाकिस्तान और उसके बाद अफगानिस्तान चला गया था।

पुलिस का कहना है कि शमा और उसके साथ गिरफ्तार सभी आतंकी मौलाना असीम उमर के बयान सुनते थे और सोशल मीडिया पर शेयर भी करते थे।

अन्य जानकारियों के अनुसार, शमा के अब्बू शमशुल हक की 2019 में मौत हो गई थी। इसके बाद से शमा परवीन का पूरा परिवार बेंगलुरु में रहता है। शमा तीन बहन और दो भाइयों में सबसे छोटी है।

जाँच में ये भी सामने आया है कि शमा परवीन बचपन से ही कट्टर इस्लामी सोच की है। वह कभी भी निकाह नहीं करना चाहती थी, घर वालों से कम लगाव रखती थी और पर्दे में रहना ज्यादा पसंद करती थी। जबकि उसके घरवाले पढ़े-लिखे हैं। जहाँ उसकी एक बहन कोलकाता में एग्रीकल्चर साइंटिस्ट हैं, वहीं दोनों भाई शमशेर और आजम कंप्यूटर इंजीनियर हैं। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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