लद्दाख मुद्दे पर ABL-KDA कभी भी करें बात, मोदी सरकार हमेशा तैयार: गृह मंत्रालय ने बताया- 1800 सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया हो गई है शुरू

लद्दाख मामले में केन्द्र सरकार के दरवाजे बातचीत के लिए हमेशा खुले हैं। गृहमंत्रालय ने कहा है कि एपेक्स बाडी यानी एलएबी और करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस यानी केडीए के साथ बातचीत कर सकता है। हालाँकि एलएबी ने बातचीत से दूर रहने की घोषणा की है। केन्द्र सरकार का मानना है कि बातचीत से ही सकारात्मक नतीजे निकलेंगे।

गृहमंत्रालय का कहना है कि लद्दाख पर बनी समिति (एचपीसी) या ऐसे किसी भी मंच के माध्यम से एबीएल और केडीए के साथ चर्चा का स्वागत करते रहेंगे। लद्दाख पर एचपीसी के माध्यम से सर्वोच्च निकाय लेह (एबीएल) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के साथ बातचीत पहले भी हुई है, जिसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं।

वार्ता के बाद ही लद्दाख की अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण में वृद्धि, एलएएचडीसी में महिलाओं के लिए आरक्षण और स्थानीय भाषाओं को संरक्षण दिया गया केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में 1800 सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

हालाँकि लेह एपेक्स बाडी का कहना है कि लद्दाख में जब तक सामान्य स्थिति बहाल नहीं होती है, वह वार्ता से दूर रहेगा। अगर स्थिति सामान्य करने के लिए सही कदम उठाए जाते हैं, तो वह 6 अक्टूबर को होनेवाली अगले दौर की बातचीत में शामिल हो सकता है।