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अमेरिका ने खारिज की AMRAAM मिसाइल देने की खबर, पाकिस्तान को सिर्फ F-16 रखरखाव की ‘भीख’: भारत के एयर डिफेंस सिस्टम के आगे पंगु ही रहेगा दुश्मन मुल्क

मोदी सरकार की नीति 'सर्जिकल स्ट्राइक्स' से लेकर इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड्स ने भारत को अजेय बनाया। अस्त्र Mk-2, राफेल, S-400 जैसे सिस्टम्स सुनिश्चित करते हैं कि पाकिस्तान की कोई मिसाइल, चाहे AMRAAM हो या PL-15, भारत का बाल बाँका न कर सके।

अमेरिका ने शुक्रवार (10 अक्टूबर 2025) को साफ कर दिया कि पाकिस्तान को नई AMRAAM मिसाइलें देने की कोई बात नहीं है। कुछ न्यूज़ चैनल और वेबसाइट्स ने दावा किया था कि अमेरिका पाकिस्तान को एडवांस्ड मीडियम-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (AMRAAM) दे रहा है, जो उसके पुराने F-16 जेट्स को और ताकतवर बना सकती हैं। लेकिन अमेरिकी दूतावास ने इसे ‘झूठी खबर‘ बताया।

दरअसल, सितंबर 30 को हुए एक कॉन्ट्रैक्ट में सिर्फ पुराने सिस्टम्स के रखरखाव और स्पेयर पार्ट्स की बात है, न कि नई मिसाइलों की। मतलब पाकिस्तान को ‘भीख’ तो मिली, लेकिन सिर्फ अपने पुराने हथियारों को ठीक करने के लिए। कोई नया हथियार नहीं।

ये खबर भारत के लिए क्यों अहम है? क्योंकि AMRAAM वही मिसाइल है, जिसने 2019 में बालाकोट स्ट्राइक के बाद विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान के मिग-21 को मार गिराया था। अगर इसका एडवांस्ड वर्जन पाकिस्तान के पास पहुँचता, तो थोड़ा टेंशन हो सकता था। लेकिन अमेरिका ने साफ कर दिया कोई अपग्रेड नहीं। फिर भी कुछ मीडिया हाउस और कॉन्ग्रेस ने इस खबर को उछालकर मोदी सरकार को नीचा दिखाने की कोशिश की।

चलिए इस पूरी कहानी को आसान तरीके से समझते हैं कि कैसे पाकिस्तान को कुछ मिले या न मिले, भारत का एयर डिफेंस और हथियार इतने तगड़े हैं कि वो कुछ बिगाड़ नहीं सकता। साथ ही जानेंगे कि कैसे भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को धूल चटाई और क्यों उसकी F-16 और AMRAAM मिसाइलें बेकार साबित होंगी।

AMRAAM मिसाइल और उसका इतिहास

AMRAAM यानी AIM-120 मिसाइल एक बियोंड विजुअल रेंज (BVR) मिसाइल है। आसान भाषा में, ये ऐसी मिसाइल है जो पायलट को दुश्मन का विमान देखे बिना, 100 किलोमीटर तक दूर से टारगेट को मार सकती है। इसका रडार खुद दुश्मन को ढूँढ लेता है। पाकिस्तान ने 2007 में अमेरिका से करीब 700 ऐसी मिसाइलें खरीदी थीं, जो सिर्फ उसके F-16 जेट्स पर काम करती हैं।

साल 2019 में बालाकोट स्ट्राइक के बाद, जब भारतीय वायुसेना ने PoK में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर हमला किया, तो पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई में F-16 से AMRAAM दागी थी। उसने अभिनंदन का मिग-21 मार गिराया, लेकिन भारत ने भी एक F-16 को ढेर कर दिया था।

तब से भारत ने अपनी ताकत कई गुना बढ़ा ली है। मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर इसका सबूत है। लेकिन उससे पहले ये समझें कि हाल की खबरों ने क्यों हंगामा मचाया।

मीडिया और कॉन्ग्रेस ने मचाया फर्जी का हल्ला

कुछ न्यूज़ चैनल्स और वेबसाइट्स ने दावा किया कि अमेरिका पाकिस्तान को नई AMRAAM मिसाइलें दे रहा है। कहा गया कि ये ‘मिग-21 किलर’ मिसाइलें पाकिस्तान के F-16 को और खतरनाक बनाएँगी। ये खबरें तब और हवा पकड़ीं, जब पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ असीम मुनीर ने पिछले महीने वॉशिंगटन में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। कुछ ने लिखा कि ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान को ताकत दे रहा है, क्योंकि रिश्ते सुधर रहे हैं।

कॉन्ग्रेस ने इस मौके को लपक लिया। 8 अक्टूबर को जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया, जिसमें अमेरिकी वॉर डिपार्टमेंट (पहले डिफेंस डिपार्टमेंट) के दो नोटिफिकेशन्स शेयर किए। पहला मई 7 2025 का, जिसमें कनाडा, ताइवान, जापान जैसे देशों को AMRAAM देने की बात थी। दूसरा सितंबर 30 का, जिसमें पाकिस्तान का नाम भी था।

रमेश ने लिखा, “कूटनीति कितनी जल्दी बदलती है और असफलताएँ कितनी जल्दी जमा हो जाती हैं!” उनका कहना था कि मोदी सरकार की विदेश नीति फेल हो रही है और अमेरिका अब पाकिस्तान को तरजीह दे रहा है।

लेकिन 10 अक्टूबर को अमेरिकी दूतावास ने सारी हवा निकाल दी। उसने कहा, “ये खबरें झूठी हैं। कोई नई AMRAAM मिसाइल नहीं मिल रही। सिर्फ पुराने सिस्टम्स के लिए स्पेयर पार्ट्स और मेंटेनेंस की बात है।” ये $41.7 मिलियन का कॉन्ट्रैक्ट रेथियॉन को मिला है, जो $2.5 बिलियन के फॉरेन मिलिट्री सेल्स (FMS) प्रोग्राम का हिस्सा है। इसमें 30 से ज्यादा देश हैं और पाकिस्तान को सिर्फ अपने पुराने F-16 और मिसाइलों को चलाने के लिए पार्ट्स मिल रहे हैं। कोई नया हथियार नहीं।

कॉन्ग्रेस और कुछ मीडिया हाउस बिना तथ्य चेक किए उछल पड़े। ये वही लोग हैं, जो ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी पर चुप रहे। अब जरा देखते हैं कि भारत ने कैसे पाकिस्तान को हवाई जंग में मात दी और क्यों AMRAAM हो या कोई और हथियार, भारत का कुछ नहीं बिगड़ेगा।

ऑपरेशन सिंदूर में टूट चुका है पाकिस्तान का हौसला

मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को दिखा दिया कि भारतीय वायुसेना (IAF) अब पहले से कहीं ज्यादा ताकतवर है। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले (26 नागरिकों की मौत) के जवाब में भारत ने 7 मई को PoK और पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल स्ट्राइक्स कीं।

पाकिस्तान ने जवाब में ड्रोन और मिसाइलें दागीं, लेकिन भारत के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने अमृतसर, जम्मू, और जैसलमेर में सभी 8 मिसाइलें मार गिराईं। IAF ने राफेल, सुखोई-30 MKI और ब्रह्मोस मिसाइलों से 11 पाकिस्तानी एयरबेस नूर खान, रफीकी, मुरीद, सुक्कुर, सियालकोट आदि—पर सटीक हमले किए। चार दिन बाद पाकिस्तान ने सीजफायर माँग लिया।

इस जंग में पाकिस्तान ने अपने F-16 से AMRAAM मिसाइलें दागीं, लेकिन वो ऊँचाई ही नहीं ले पाए, जहाँ से मिसाइलें असरदार हों। हिसार में एक चीनी PL-15 मिसाइल का मलबा मिला, जो पाकिस्तान के JF-17 जेट से दागी गई थी। इसकी रेंज 145 किमी थी, लेकिन इतनी दूर से लॉन्च होने की वजह से कोई नुकसान नहीं हुआ।

भारत के S-400 और आकाश सिस्टम ने इसे आसानी से इंटरसेप्ट कर लिया। और सबसे बड़ा झटका? भारत ने 314 किमी दूर पाकिस्तान के AWACS (Saab 2000 Erieye) को S-400 से मार गिराया। ये AWACS हवा में ‘आँख’ की तरह काम करता है यानी रडार, सर्विलांस, कमांड-कंट्रोल का सेंटर। पाकिस्तान के 9 AWACS में से एक खत्म। पूर्व पाकिस्तानी एयर मार्शल मसूद अख्तर ने माना कि भोलारी एयरबेस पर ब्रह्मोस स्ट्राइक ने AWACS को हेलंगर में तबाह कर दिया।

ये ऑपरेशन दिखाता है कि भारत का एयर डिफेंस और अटैक सिस्टम इतना मज़बूत है कि पाकिस्तान की कोई भी मिसाइल AMRAAM हो या PL-15 कामयाब नहीं हो सकती।

भारत के हथियारों के सामने बेबस है पाकिस्तान बेबस

पाकिस्तान के पास 76 F-16 जेट्स हैं, जो AMRAAM (100 किमी रेंज) दाग सकते हैं। लेकिन भारत के पास इनका जवाब देने के लिए कई गुना बेहतर सिस्टम हैं। चलिए एक-एक करके देखते हैं:

राफेल और मेटियोर मिसाइल: भारत के 36 राफेल जेट्स मेटियोर BVR मिसाइल (रेंज 150+ किमी) से लैस हैं। इसका ‘नो-एस्केप जोन’ 60 किमी है, यानी दुश्मन का जेट भाग भी नहीं सकता। ऑपरेशन सिंदूर में राफेल ने SCALP क्रूज मिसाइल से 11 पाकिस्तानी बेस तबाह किए। राफेल का SPECTRA इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम दुश्मन के रडार को जाम कर देता है। F-16 के पुराने ALQ पॉड्स इसके सामने बेकार हैं।

सुखोई-30 MKI और अस्त्र मिसाइल: भारत के पास 272 सुखोई-30 MKI जेट्स हैं, जो स्वदेशी अस्त्र Mk-1 मिसाइल (रेंज 110 किमी) से लैस हैं। 2019 के बाद IAF ने 550+ अस्त्र इंडक्ट कीं, जो रूसी R-77 को रिप्लेस कर रही हैं। आस्त्रा Mk-2 (160 किमी रेंज) का टेस्ट भी हो चुका है, जो PL-15 का जवाब है।

S-400 ट्रायम्फ: ये रूसी एयर डिफेंस सिस्टम 400 किमी तक के टारगेट को मार सकता है। एक साथ 80 टारगेट ट्रैक करता है। ऑपरेशन सिंदूर में इसने PL-15, ड्रोन्स, और क्रूज मिसाइलें रोकीं। इसकी 40N6 मिसाइल हाइपरसोनिक टारगेट भी ढेर कर सकती है। इसे भारत में सुदर्शन नाम दिया गया है।

आकाश-NG और SPYDER: आकाश मिसाइल (70 किमी रेंज) ने ड्रोन्स को खत्म किया। SPYDER लो-लेवल SAM है, जो UAVs और क्रूज मिसाइलों के लिए खास है।

ब्रह्मोस और NIRBHAY: ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल (350 किमी रेंज) ने AWACS को हिट किया। NIRBHAY स्टेल्थ क्रूज मिसाइल है, जो लैंड, समुद्र, या हवा से लॉन्च हो सकती है।

पाकिस्तान के पास चीनी HQ-9B और HQ-16 SAM सिस्टम्स हैं, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर में ये बेकार साबित हुए। JF-17 जेट्स (PL-15E) की रेंज F-16 से कम है। अगर AMRAAM का नया वर्जन भी मिल जाए, तो F-16 को ऊँचाई चाहिए, जो भारत का नेटवर्क-सेंट्रिक वारफेयर (AWACS, रडार, डेटालिंक) कभी नहीं देगा।

पाकिस्तान की हकीकत ‘भीख’ पर चलने वाले मुल्क की

पाकिस्तान का F-16 बेड़ा पुराना है। अमेरिका इसे सिर्फ काउंटर-टेरर ऑपरेशन्स के लिए सपोर्ट करता है। शहबाज शरीफ और असीम मुनीर की ट्रंप से मुलाकातों का बस इतना मतलब है कि ‘स्पेयर पार्ट्स की भीख’ मिलती रहे। लेकिन नई ताकत? वो सपना ही रहेगा। ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने दिखाया कि पाकिस्तान का AWACS, एयरबेस या मिसाइल लॉन्चर कुछ भी सुरक्षित नहीं। भारत का इंटीग्रेटेड बैटल मैनेजमेंट सिस्टम (IBMS) और डीआरडीओ की रिवर्स इंजीनियरिंग (PL-15 मलबे से) ने हमें और मजबूत किया।

राजनीतिक शोर तो उठा, लेकिन जनता समझदार है

कॉन्ग्रेस और कुछ मीडिया ने AMRAAM खबर को उछालकर मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की। लेकिन अमेरिकी खंडन ने सबकी बोलती बंद कर दी। भारत-अमेरिका रिश्ते मजबूत हैं – 2024 में 31 MQ-9B ड्रोन डील इसका सबूत है। मोदी सरकार की नीति ‘सर्जिकल स्ट्राइक्स’ से लेकर इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड्स ने भारत को अजेय बनाया। DRDO की अस्त्र Mk-2, राफेल, S-400 जैसे सिस्टम्स सुनिश्चित करते हैं कि पाकिस्तान की कोई मिसाइल, चाहे AMRAAM हो या PL-15, भारत का बाल बाँका न कर सके।

भारत का आसमान अजेय

पाकिस्तान को AMRAAM मिले या न मिले, भारत का एयर डिफेंस और अटैक सिस्टम इतना तगड़ा है कि दुश्मन की हिम्मत टूट जाएगी। ऑपरेशन सिंदूर में 350 किमी दूर AWACS मारना, PL-15 का मलबा इकट्ठा करना ये भारत की ताकत है। पाकिस्तान की ‘भीख’ से कुछ नहीं होगा। भारत का स्काई क्लियर रहेगा और हम हर लॉन्चिंग पैड को ध्वस्त कर देंगे।

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श्रवण शुक्ल
श्रवण शुक्ल
I am Shravan Kumar Shukla, known as ePatrakaar, a multimedia journalist deeply passionate about digital media. I’ve been actively engaged in journalism, working across diverse platforms including agencies, news channels, and print publications. My understanding of social media strengthens my ability to thrive in the digital space. Above all, ground reporting is closest to my heart and remains my preferred way of working. explore ground reporting digital journalism trends more personal tone.

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