बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जहानाबाद के पूर्व सांसद अरुण कुमार और उनके बेटे ऋतुराज कुमार ने शनिवार (11 अक्टूबर 2025) को जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) में वापसी की। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और मुँगेर सांसद ललन सिंह ने पिता-पुत्र की सदस्यता दिलाई।
बता दें कि अरुण 1999 और 2014 में जेडीयू टिकट पर जहानाबाद से सांसद चुने गए थे। वे पार्टी के संस्थापक सदस्य भी रहे। 2020 में नीतीश कुमार से मतभेद के बाद उन्होंने जेडीयू छोड़कर भारतीय सबलोग पार्टी (BSLP) बना ली थी।
जेडीयू नेताओं का कहना है कि इस वापसी से जहानाबाद और मगध क्षेत्र में पार्टी की पकड़ मजबूत होगी। यह कदम आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के भूमिहार नेताओं को जोड़ने के प्रयासों का जवाब माना जा रहा है। अरुण ने कहा, “मैं नीतीश के विकास और सामाजिक न्याय एजेंडे को मजबूत करने लौटा हूँ। आरजेडी के जातिवादी रास्ते का मुकाबला एनडीए के साथ मिलकर करेंगे।”
ललन सिंह ने कहा कि अरुण और चंदेश्वर चंद्रवंशी मगध में तूफान लाएँगे। अरुण भूमिहार समुदाय के प्रभावशाली नेता हैं, जो लालू-राबड़ी राज के खिलाफ नीतीश के साथ लड़े थे। 2014 में वे उपेंद्र कुशवाहा की RLSP से जीते थे। जेडीयू अध्यक्ष संजय झा ने स्वागत करते हुए कहा कि नीतीश के नेतृत्व में एनडीए फिर सरकार बनाएगा। यह ‘घर वापसी’ बिहार चुनावी समीकरण बदल सकती है।

