पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर में एक सार्वजनिक आयोजन में तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) की नेता ने अपने राजनीतिक दुश्मनों (खासकर बीजेपी) को धमकी दी कि 2026 के विधानसभा चुनाव में ‘भयंकर खेला’ होगा।
TMC के ‘विजय सम्मेलन’ में पार्टी की महिला मोर्चा अध्यक्ष चैताली घोष साहा ने विधायक मोसरफ हुसैन को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की है। उन्होंने मोसरफ हुसैन को भगवान-अल्लाह का इंसानी रूप बताया। घोष के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
चैताली घोष साहा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “हम मोसरफ दा को अपने दिल में रखेंगे। हम मोसरफ दा को अपने करीब रखेंगे। वो हिंदुओं के भगवान जैसे हैं और मुसलमानों के अल्लाह जैसे। भगवान और अल्लाह ने अपना इंसानी रूप मोसरफ हुसैन के तौर पर भेजा है। 2026 के विधानसभा चुनाव में मोसरफ दा के नेतृत्व में भयंकर खेला होगा।”
At the TMC’s Bijaya Sammilani in the Itahar, TMC Uttar Dinajpur Mahila Morcha president, Chaitali Ghosh Saha, referred to MLA Mosaraf Hossain as "God of Hindu.”
— Tushar Kanti Ghosh (@TusharKantiBJP) October 11, 2025
She went further, warning that there would be a “terrifying Khela” in the 2026 Assembly elections! pic.twitter.com/n7RiWNClqV
जिस तरीके से TMC की चैताली घोष ‘भयंकर खेलो होगा’ जैसे बयान दे रही है। यह साफ है कि इसे धमकी के रूप लेना सही है। क्योंकि साल 2021 के विधानसभा चुनावों में भी TMC ने ‘खेला होबे’ को विरोधी नारे के रूप में इस्तेमाल किया था। खासतौर पर इसे नारे से बीजेपी को निशाना बनाया गया था। इस नारे ने चुनावी माहौल डरावना बना दिया था।
इन्हीं चुनावों में ‘खेला होबे’ को डरावना बनाने के लिए अणुब्रत मंडल ने एक रैली में ‘भयंकर खेला होबे’ का नारा दिया था, जो सीधे बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए धमकी साबित हुआ। केवल सामान्य बीजेपी कार्यकर्ताओं नहीं बल्कि बीजेपी के उच्च पदाधिकारियों और यहाँ तक कि केन्द्रीय मंत्रियों तक पर हमले हुए। हमलों का आरोप सीधे तौर पर टीएमसी के कार्यकर्ताओं पर लगा।
इस दौरान कई बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या, घरों और दुकानों को जलाना, महिलाओं के साथ छेड़खानी और दुष्कर्म जैसी घटनाएँ भी हुईं। 8 चरणों में बंगाल चुनाव 2021 सम्पन्न हुए और इन्हीं के साथ बंगाल में हिंसा भी 8 चरणों तक चली। लोगों को यह उम्मीद थी कि संभव है कि चुनाव परिणाम आने के बाद यह हिंसा खत्म होगी। लेकिन इस हिंसा का निशाना आज भी बीजेपी नेता, कार्यकर्ता और बंगाल में हिंदुओं को बनाया जा रहा है।
वहीं अब फिर से चैताली घोष ने ‘ 2026 में भयंकर खेला होबे’ जैसा विवादित बयान देकर यह सिद्ध कर दिया है कि आगामी बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भी TMC की यही मंशा है। वह इस बार भी बीजेपी के खिलाफ हिंसा फैलाकर चुनाव की रणनीति तैयार करने में लगी हुई है।

