मराठी फिल्म ‘मनाचे श्लोक’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिरी हुई है। फिल्म की स्क्रीनिंग पर महाराष्ट्र में कई जगहों पर रोक लगा दी गई है। इसका कारण फिल्म का टाइटल है। हिंदू संगठन का कहना है कि लिव-इन रिलेशनशिप पर बनाई गई फिल्म को ‘श्लोक’ पर नाम देना संत कवि समर्थ रामदास स्वामी का अपमान है।
Gunda raj in #Pune.
— Rasush (@RasushAnkita) October 12, 2025
BJP leader forces a theatre to stop screening of a Marathi film.
The film is called "Manache Shlok", which offended Hindutva groups.
Because Ramdas Swami has written a collection of spiritual verses with the same title. #AIart pic.twitter.com/bkAoszoXXk
हिंदू संगठन ने फिल्म के विरोध में पुणे, छत्रपति शिवाजी नगर और महाराष्ट्र के कई थिएटर में फिल्म की स्क्रीनिंग को लेकर बवाल किया। हिंदू संगठन का आरोप है कि समर्थ रामदास स्वामी महाराज की दिव्य रचना ‘मनाचे श्लोक’ के पवित्र नाम का उपयोग एक व्यावसायिक मराठी फिल्म के लिए करना हिंदू संस्कृति, संतों और आध्यात्मिक विरासत का सीधा अपमान है।
Using the sacred name “ #Manache_Shlok” divine creation of Samarth Ramdas Swami Maharaj for a commercial Marathi film is a direct insult to Hindu culture, saints, and spiritual heritage.
— HinduJagrutiOrg (@HinduJagrutiOrg) October 8, 2025
For centuries, Manache Shlok has guided millions on the path of dharma, self-discipline, and… pic.twitter.com/1699FxQpDs
विवादों में घिरने के बाद फिल्म के डायरेक्टर मृण्मयी देशपांडे ने फिल्म को नए नाम से रिलीज करने का फैसला लिया है। इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए देशपांडे ने बताया कि नए नाम से फिल्म को 16 अक्टूबर 2025 को दोबारा से रिलीज किया जाएगा। इससे पहले फिल्म को 10 अक्टूबर 2025 को रिलीज किया जाएगा।
क्या है ‘मनाचे श्लोक’?
मराठी संत कवि समर्थ रामदास स्वामी ने ‘दासबोध’ और ‘मनाचे श्लोक’ नाम के दो ग्रंथ लिखे थे, काफी प्रसिद्ध हुए हैं। ‘मनाचे श्लोक’ एक आध्यात्मिक रचना है, जिसमें उन्होंने मन की नियंत्रित करने और धार्मिक आचरण के उपदेश दिए गए हैं।
यही वजह है कि लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विवादित मुद्दों पर बनाई गई मराठी फिल्म का नाम ‘मनाचे श्लोक’ रखे जाने पर आपत्ति जताई जा रही है। क्योंकि यह रामदास स्वामी के ग्रंथ के पवित्र नाम ‘मनाचे श्लोक’ से बिल्कुल विपरीत है।

