छत्तीसगढ़ पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। राज्य में 208 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें 98 पुरुष और 110 महिलाएँ शामिल हैं। सभी ने कुल 153 हथियारों के साथ सरेंडर किया। अब ये सभी सरकार की पुनर्वास योजना का लाभ ले सकेंगे।
इस आत्मसमर्पण के बाद अबूझमाड़ का ज्यादातर इलाका नक्सल मुक्त माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि उत्तर बस्तर से नक्सल आतंक लगभग खत्म हो गया है और अब नक्सलवाद केवल दक्षिण बस्तर तक सीमित रह गया है।
इसी बीच गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सरकार नक्सलियों के साथ-साथ उनके समर्थकों और मददगारों पर भी सख्त कार्रवाई करेगी। चाहे वे ‘इंटलेक्चुअल’ हों या कोई और हो।
जो नक्सलियों को फंडिंग या वैचारिक समर्थन देते हैं, उन पर भी कार्रवाई होगी। उन्होंने साफ कहा कि सरकार किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं करेगी।

