दरअसल तुलसी विवाह को लेकर ग्रामीण यात्रा निकाल रहे थे। इसका इस्लामिक कट्टरपंथियों ने विरोध किया। यात्रा बीच में रोके जाने से हिन्दू काफी खफा थे। इनलोगों ने अगले दिन बदगुन्दा के काली मंडप में जुटे। खुला जगह होने की वजह से मुस्लिम यहाँ बकरी, गाय आदि पशुओं को यहाँ चराते हैं।
काली मंडप के घेराव का इस्लामी कट्टरपंथियों ने विरोध किया और बात बढ़ गई। इस दौरान लाठी-डंडे चले और पत्थरबाजी हुई। इसमें करीब 25 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस हिन्दू-मुस्लिम तनाव को कम करने के लिए अलग-अलग बैठक कर रही है। लोगों को समझाया जा रहा है।

