सीजेआई गवई, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस विक्रम नाथ की खंडपीठ ने कहा कि सुरेन्द्र कोली के खिलाफ कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया। मामले की जाँच में कई खामियाँ थी। किसी भी व्यक्ति को परिस्थितजन्य साक्ष्य के आधार पर फाँसी या आजीवन कारावास नहीं दी जा सकती।
सुप्रीम कोर्ट ने 15 फरवरी 2011 के अपने फैसले को भी रद्द कर दिया, जिसमें उसके आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा गया था। साथ ही 28 अक्टूबर 2014 के खारिज किए गए पुनर्विचार अर्जी को भी रद्द कर दिया। दरअसल कोली ने क्युरेटिव अर्जी दायर की थी। इसमें कहा गया था कि उसे बाकी 12 मामलों में बरी कर दिया गया है। इसलिए उसे आरोपों से पूरी तरह बरी किया जाए
निठारी की कोठी में बुलाई जाती थी कॉलगर्ल
निठारी के जिस घर पर बच्चों और महिलाओं का मर्डर हुआ था। उस घर के मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर ने माना है कि घर के पहले फ्लोर के बाथरूम में लाशें पड़ी रहती थी, लेकिन उसे कभी पता नहीं चला।
हालाँकि उसने माना कि निठारी डी-5 में कॉल गर्ल बुलवाई जाती थी। दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में एक कॉल गर्ल का जिक्र करते हुए उसने कहा है कि वह लड़की उसके सीधे संपर्क में थी और कोठी आती थी। हालाँकि पंढेर ने माना है कि सारे मर्डर उसकी गैरमौजूदगी में हुई। उसने कहा कि नोएडा की कोठी में वह कम ही रहता था। उसका भतीजा और दोस्त का बेटा अक्सर नोएडा की कोठी में रहता था और सुरेन्द्र कोली सबकी देखभाल करता था।
बच्चों के ‘गायब’ होने का नहीं था पता
पंढेर ने बताया कि उसे पुलिस ने जानकारी दी थी कि उसके घर के पास से ज्यादातर बच्चे गायब हुए हैं। इसकी जाँच हो रही थी। इसी दौरान कॉल गर्ल के गायब होने का पता चला। इस दौरान ये पता चला कि गायब कॉलगर्ल के फोन में सुरेन्द्र कोली का सिमकार्ड चल रहा था। पंढेर के मुताबिक गाँव गए सुरेन्द्र कोली को उसने ही बुलवाया और पुलिस के हवाले किया।
पंढेर के मुताबिक पुलिस जाँच से पहले उसे कभी पता नहीं चला कि बच्चे और लड़की के गायब होने का कोई कनेक्शन है। लेकिन जब सुरेन्द्र कोली ने माना कि कॉलगर्ल की हत्या उसने की और शव को ठिकाने लगाया, तब एक के बाद एक हत्याओं के खुलासे होने लगे।
पंढेर ने अपने इंटरव्यू में पुलिस को रिश्वत देने और इलाहाबाद जाने के लिए पुलिसवालों की टिकट कटवाने से भी इनकार किया। उसका कहना है कि एक ही रेलवे एजेंट ने टिकट कटवाया था, लेकिन पैसे उन्होंने नहीं दिए।
एक बच्ची के अपहरण और उसके साथ रेप करने के मामले को लेकर जब सवाल किया गया तो उसने जवाब दिया कि पुलिस ने सुरेन्द्र कोली के मुँह से ऐसा कहलवाया था, ताकि रिमांड पर पंढेर को ले सके। पंढेर के मुताबिक पुलिस वाले उससे व्यक्तिगत तौर पर कहते थे कि उसका इस केस से कोई लेना-देना नहीं है।

