देशभर में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच पश्चिम बंगाल के बगदा गाँव में एक चौंकाने वाली घटना हुई है। 28 साल से लापता और मृत मान लिए गए जगबंदू मंडल सोमवार (17 नवंबर 2025) को अचानक अपने घर लौट आए।
जानकारी के अनुसार, 1997 में घर से निकले जगबंदू को परिवार ने मृत मानकर श्राद्ध तक कर दिया था। पत्नी सुप्रिया दो बच्चों के साथ अकेले जीवन जी रही थी। लेकिन सोमवार (17 नवंबर 2025) दोपहर दरवाजे पर दस्तक हुई और सामने वही पति खड़ा था। पूरा परिवार भावुक हो गया।
जगबंदू ने बताया कि वह गुजरात, मुंबई और बाद में छत्तीसगढ़ में रह रहा था। असली वजह यह निकली कि उसका नाम बगदा की वोटर लिस्ट से कट चुका है और SIR में नाम बचाने के लिए मूल दस्तावेज चाहिए। बैंकुरा की वोटर लिस्ट में उसका नाम अब भी है, इसलिए वह लौट आया।
लेकिन बैंकुरा की सूची में उसके नाम के साथ एक महिला ‘सुलेखा मंडल’ का नाम जुड़ा मिलने पर दूसरी शादी की चर्चा शुरू हो गई। जगबंदू ने इस आरोप से इनकार किया। अब BLO ने साफ किया है कि 28 साल बाद दस्तावेज साबित करना आसान नहीं होगा। विडंबना यह है कि जिस वोटर लिस्ट के कारण वह घर लौटा, अब वही तय करेगी कि वह ‘जिंदा’ दर्ज होगा या नहीं।

