G20 के घोषणापत्र में दिखी भारत की छाप, आतंकवाद से लेकर ग्लोबल साउथ के मुद्दों पर रहा जोर

दक्षिण अफ्रीका में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन के ‘लीडर्स डिक्लरेशन’ में भारत की 2023 अध्यक्षता की प्रमुख प्राथमिकताएँ और वैश्विक योगदान स्पष्ट रूप से सामने आए। आतंकवाद, डिजिटल परिवर्तन और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर भारत का नेतृत्व दिखा।

दक्षिण अफ्रीका में जारी घोषणा-पत्र में भारत की 2023 G20 अध्यक्षता की सफलताएँ स्पष्ट रूप से दर्ज की गई हैं। आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और सुरक्षित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग पर जोर, महिला नेतृत्व और सशक्तिकरण के महत्व को दोहराया गया।

भारत द्वारा स्थापित डिसास्टर रिस्क रिडक्शन वर्किंग ग्रुप और कोएलिशन फॉर डिसास्टर रेसिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (CDRI) को वैश्विक मान्यता मिली। खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य क्षेत्र में पारंपरिक और पूरक चिकित्सा पद्धतियों को महत्व देने और जलवायु वित्त में विकासशील देशों के लिए 2030 तक 5.8–5.9 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 481.4 लाख करोड़ रुपए से लेकर 489.7 लाख करोड़ रुपए) की आवश्यकता को स्वीकार किया गया। भारत की LiFE पहल को भी वैश्विक रूप से बढ़ावा देने का आह्वान किया गया।

इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की भारत की माँग को भी समर्थन मिला। कुल मिलाकर, दक्षिण अफ्रीका के इस लीडर्स डिक्लरेशन में भारत की नई दिल्ली G20 अध्यक्षता की प्राथमिकताएँ और ग्लोबल साउथ के मुद्दों को वैश्विक स्तर पर मजबूत तरीके से सामने लाया गया।