प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (28 नवंबर 2025) को कर्नाटक के उडुपी दौरे पर भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता की गहरी सराहना की। श्री कृष्ण मठ में आयोजित लक्ष कंठ गीता पारायण प्रोग्राम को संबोधित करते हुए उन्होंने भगवद्गीता के महत्व पर प्रकाश डाला।
उडुपी में पीएम मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र कर राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “दुश्मन अगर दुस्साहस दिखाएगा तो हमारा सुदर्शन चक्र उसे तबाह कर देगा। यह हमारा राष्ट्रीय सुरक्षा कवच है, जो हर खतरे का मुँहतोड़ जवाब देगा।”
पीएम मोदी ने उडुपी की धरती को जनसंघ और भाजपा की कर्मभूमि बताते हुए कहा, “यहाँ आना मेरे लिए हमेशा विशेष अनुभूति देता है। सत्तर के दशक में ही यहाँ जल आपूर्ति और ड्रेनेज सिस्टम जैसा नया गवर्नेंस मॉडल शुरू हुआ था, जो आज देश के विकास का मार्गदर्शन कर रहा है।” उन्होंने उडुपी को नए भारत के निर्माण में प्रेरणा स्रोत बताया।
कार्यक्रम में एक लाख से अधिक कंठों से गूँजते गीता श्लोकों की ताकत पर पीएम ने कहा, “जब इतने दैवीय शब्द एक साथ गूँजते हैं, तो निकलने वाली ऊर्जा मन और मस्तिष्क को आध्यात्मिक शक्ति देती है। गीता हमें संबल प्रदान करती है।” इस भक्ति समारोह में छात्र, साधु, विद्वान और आम लोग शामिल हुए।
पीएम ने रामजन्मभूमि आंदोलन में उडुपी के संतों की भूमिका की याद दिलाई। उन्होंने कहा, “अयोध्या से उडुपी तक संतों का योगदान अमूल्य रहा है। नए राम मंदिर में वेदांत के जगद्गुरु माधवाचार्य को भी स्थान दिया गया है, जो द्वैत दर्शन के संस्थापक हैं।” कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कृष्ण मंदिर के सामने सुवर्ण तीर्थ मंडप का उद्घाटन किया और पवित्र कनकना किंदी के लिए कनक कवच समर्पित किया।
यह खिड़की वही है, जहाँ से 800 साल पहले संत कनकदास को भगवान कृष्ण के दर्शन हुए थे। श्री कृष्ण मठ की स्थापना माधवाचार्य ने ही की थी। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा, “पीएम का यह दौरा राज्य के सांस्कृतिक गौरव को नई ऊँचाई देगा।”
दौरे के दूसरे चरण में पीएम गोवा पहुँचेंगे, जहाँ सारधा पंचाष्टमोत्सव में श्री संस्थान गोकर्ण परतगली जीवोत्तम मठ के 550वें वर्ष का जश्न मनाएँगे। वहाँ 77 फीट ऊँची कांसे की श्री राम मूर्ति का अनावरण करेंगे और रामायण थीम पार्क गार्डन का उद्घाटन करेंगे। साथ ही, विशेष डाक टिकट और स्मारक सिक्का जारी करेंगे। पीएम ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “ये आयोजन हमारी सनातन परंपरा को मजबूत करेंगे।”

