महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सरकारों ने जन्मतिथि सत्यापन के लिए आधार कार्ड को अमान्य घोषित कर एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। अब सरकारी प्रक्रियाओं में केवल हाईस्कूल मार्कशीट, जन्म प्रमाणपत्र या नगर निकाय-स्वास्थ्य विभाग के दस्तावेज ही मान्य होंगे। यह फैसला UIDAI की गाइडलाइंस पर आधारित है, जो स्पष्ट करती है कि आधार में दर्ज जन्मतिथि सत्यापित नहीं होती।
उत्तर प्रदेश के नियोजन विभाग ने आदेश जारी कर कहा कि आधार को जन्मतिथि प्रमाण नहीं माना जाएगा। विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वैकल्पिक दस्तावेजों पर ही भरोसा करें।
यूपी में आधार को जन्मतिथि प्रमाण मानने पर रोक
उत्तर प्रदेश सरकार के नियोजन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि नियुक्ति, प्रमोशन, सेवा रजिस्टर में संशोधन या अन्य सरकारी प्रक्रियाओं में अब आधार कार्ड को जन्मतिथि प्रमाण के रूप में नहीं माना जाएगा।
विशेष सचिव अमित सिंह बंसल ने UIDAI के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि आधार कार्ड में दी गई जन्मतिथि किसी प्रमाणित दस्तावेज से नहीं जोड़ी गई होती, इसलिए यह विश्वसनीय प्रमाण नहीं है।
In Uttar Pradesh, Aadhaar cards will no longer be accepted as a birth certificate or proof of date of birth. The Planning Department has issued instructions to all departments. No birth certificate is attached to the Aadhaar card; therefore, it cannot be considered a birth… pic.twitter.com/uzinTdj8Yc
— ANI (@ANI) November 28, 2025
इसके स्थान पर जन्म प्रमाणपत्र, हाई स्कूल मार्कशीट या नगर निकाय और स्वास्थ्य विभागों द्वारा जारी दस्तावेजों को जन्मतिथि प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा। यह भी याद दिलाया गया कि आधार पहले से ही नागरिकता प्रमाण के रूप में मान्य नहीं है।
महाराष्ट्र में कार्रवाई के निर्देश
इसी प्रकार महाराष्ट्र सरकार ने भी कठोर रुख अपनाते हुए घोषणा की है कि केवल आधार कार्ड के आधार पर जारी किए गए जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र तुरंत रद्द किए जाएँ। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि यदि ऐसे प्रमाणपत्र संदिग्ध पाए जाते हैं तो उन्हें रद्द करके संबंधित मामलों में पुलिस शिकायत दर्ज की जाए।
Maharashtra | Aadhaar card will not be considered as a document for making a delayed birth certificate in the state and all birth certificates made only through the Aadhaar card after August 2023 amendment in Act will be cancelled. The government has taken this decision to stop… pic.twitter.com/Pogz4sAD6Y
— ANI (@ANI) November 28, 2025
यह निर्णय फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रमाण पत्र जारी होने की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए लिया गया है। आदेश में यह भी साफ किया गया है कि 11 अगस्त 2023 के बाद नायब तहसीलदारों द्वारा केवल आधार के आधार पर जारी किए गए सभी प्रमाणपत्र अमान्य माने जाएँगे।
यह बदलाव फर्जीवाड़े को रोकने के उद्देश्य से है। UIDAI के अनुसार, आधार केवल पहचान के लिए है, न कि जन्म या निवास प्रमाण। सुप्रीम कोर्ट के आदेश भी इसे समर्थन देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे सरकारी रिकॉर्ड की विश्वसनीयता बढ़ेगी।

