प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार (1 दिसंबर 2025) को महाराष्ट्र स्थित एक ट्रस्ट और एक यमनी नागरिक के खिलाफ कथित एफसीआरए (FCRA) उल्लंघनों के लिए कार्रवाई शुरू की। जाँच एजेंसी ने नंदुरबार जिले और मुंबई में दर्जन भर ठिकानों पर छापे मारे। यह कार्रवाई जामिया इस्लामिया इशातुल उलूम ट्रस्ट (JIIU), यमनी नागरिक अल-खदामी खालिद इब्राहिम सालेह और अन्य के खिलाफ चल रही जाँच का हिस्सा थी।
जाँच अधिकारियों ने कहा है कि तलाशी के दौरान बरामद दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों की जाँच की जा रही है। जुलाई 2024 में गृह मंत्रालय ने JIIU का पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द कर दिया था। ईडी की जाँच मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत चल रही है।
यह मामला नंदुरबार पुलिस के अक्कलकुआ थाने में दर्ज एफआईआर और इस साल अप्रैल में दाखिल चार्जशीट पर आधारित है। जाँच में सामने आए तथ्यों के आधार पर ईडी ने आरोपित से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी ली।
गृह मंत्रालय ने जामिया इस्लामिया इशातुल उलूम ट्रस्ट का पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द किया था, क्योंकि पाया गया कि ट्रस्ट विदेशी दान की राशि को एक गैर-FCRA पंजीकृत एनजीओ में मोड़ रहा था। मंत्रालय की इस कार्रवाई के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में जांच को और तेज कर दिया।
इधर, पूर्व बीजेपी सांसद किरीट सोमैया ने जेआईआईयू के खिलाफ की गई कार्रवाई का स्वागत किया और ट्रस्ट के ट्रस्टीज पर शेल कंपनियों के जरिए गैर-पारदर्शी लेन-देन करने का आरोप लगाया।
उन्होंने एक्स पर लिखा, “अल फलाह ऑफ महाराष्ट्र जामिया इस्लामिया इशातुल…। ये छापे चल रहे हैं शेल कंपनी मेट्रोजी ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर रिहान मेमन के आवास (खापर गाँव अक्कलकुवा) पर और भी जामिया इस्लामिया इशातुल उलूम अक्कलकुवा के सहयोगी पर।”
Al Falah of Maharashtra Jamia Islamia Ishaatul….
— Kirit Somaiya (@KiritSomaiya) December 1, 2025
Understood RAIDS investigation underway
at the residence (Village Khapar Akkalkuva) of Rehan Memon Director of Shell Company Metrozi Trading Pvt Ltd & also associate of Jamia Islamia Ishaatul Uloom Akkalkuwa @BJP4India… pic.twitter.com/NBT7WJ35vu
छापों से शेल कंपनियों के जरिए गैर-पारदर्शी ट्रांजेक्शन के सुराग मिलने की संभावना है। जाँच अधिकारी अब बरामद सामग्री का विश्लेषण कर रहे हैं, जो मामले को नई दिशा दे सकती है।

