हर गाँव में होगी बिजली से लेकर बैंकिंग की सुविधा, सड़क-मकान सब मिलेगाा: बस्तर में नक्सल खात्मे का अमित शाह ने किया ऐलान, जगह-जगह ‘भारत माता की जय’ के नारे

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार (13 दिसंबर 2025) को कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद मुक्त होने के करीब है। उन्होंने बताया कि उस क्षेत्र में अब ‘लाल सलाम’ के बजाय ‘भारत माता की जय’ के नारे सुनाई दे रहे हैं। बस्तर ओलंपिक्स के समापन समारोह में भाग लेते हुए उन्होंने वादा किया कि अगले पाँच वर्षों में बस्तर को देश का सबसे विकसित जनजातीय क्षेत्र बनाया जाएगा।

खेलों के माध्यम से नई पहचान: बस्तर ओलंपिक्स में उत्साह दोगुना

अमित शाह ने कहा कि खेलों के माध्यम से बस्तर की नई पहचान बन रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बस्तर ओलंपिक्स में 3.91 लाख खिलाड़ियों ने भाग लिए, जो पिछले वर्ष के 1.65 लाख खिलाड़ियों से लगभग 2.5 गुना अधिक है।

महिलाओं की भागीदारी भी लगभग तीन गुना बढ़ी है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खेल प्रतिभा को निखारने के लिए खेल प्राधिकरण भारत (SAI) की टीम बस्तर में चयन प्रक्रिया कर रही है ताकि खिलाड़ी आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 के ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर सकें।

नक्सलवाद पर शिकंजा और विकास की राह

अमित शाह ने कहा कि बस्तर में अब स्कूल की घंटियों की आवाज गनफायर  की आवाजों से बदल गई है और सड़कें, रेलवे ट्रैक और हाईवे बन रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्ष से अब तक 700 से अधिक सरेंडर्ड नक्सली बस्तर ओलंपिक्स में भाग ले चुके हैं।

शाह ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल नक्सलियों को खत्म करना नहीं बल्कि उन्हें मुख्यधारा में लाना है। इसके लिए उन्होंने पुनर्वास योजना और घायल नक्सलियों के लिए आकर्षक योजना की घोषणा की।

2030 तक देश का सबसे विकसित जनजातीय क्षेत्र बनेगा बस्तर

अमित शाह ने कहा कि बस्तर के सात जिलों कांकेर, कोंडागाँव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा को 2030 तक देश का सबसे विकसित जनजातीय क्षेत्र बनाया जाएगा। हर गाँव में सड़कों, बिजली, बैंकिंग सुविधाओं, स्वास्थ्य केंद्रों और हर नागरिक को मकान, बिजली, नल के पानी, गैस, खाद्य अनाज और मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा वन उत्पादों के प्रसंस्करण के लिए सहकारी इकाइयाँ और दूध उत्पादन में बस्तर को शीर्ष स्थान दिलाने की योजना है।