अहमदाबाद के दानिलिमडा वार्ड में गाँव के कुएँ के सामने स्थित प्राचीन मंदिरों को ध्वस्त कर दिया गया। इन प्राचीन मंदिरों की जगह अवैध रूप से इमारत बना दिए जाने के आरोप लगे हैं और उन फ्लैट्स में मुस्लिम परिवार रह रहे हैं। इन फ्लैट्स के सामने मांसाहारी दुकानें भी हैं। स्थानीय हिंदू नागरिकों ने इस मामले की शिकायत अहमदाबाद महानगरपालिका से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक की है। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह इलाका ‘अशांत धारा’ के अंतर्गत आता है। इसके बावजूद प्राचीन मंदिर के ऊपर ही मुस्लिमों के लिए फ्लैट बनाने की अनुमति दे दी गई। यहाँ दो प्राचीन मंदिरों को तोड़कर फ्लैट बनाए गए हैं। इलाके में अब भी एक मंदिर मौजूद है और मुस्लिम उसके ऊपर बने फ्लैट पर रह रहे हैं।
हाल ही में विवाद को लेकर गाँधीनगर में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मामले पर संज्ञान लेते हुए जाँच के आदेश दिए हैं। स्थानीय हिंदू लोगों को आश्वासन दिया है कि सरकार तत्काल कार्रवाई करेगी और अवैध रूप से निर्मित फ्लैटों को ध्वस्त कर मंदिर मुक्त कराएगी। ऑपइंडिया की टीम भी मौके पर पहुँची और स्थानीय लोगों से बातचीत की।
यह भी सामने आया है कि साल 2016 में नगरपालिका ने प्राचीन जोगनी माता मंदिर की चोटी पर फ्लैट बनाने की अनुमति दी थी। साकिर अहमद नाम के एक बिल्डर ने इमारत बनाने की योजना नगर निगम को दी थी, जिसे MMC ने भी मंजूरी दे दी थी। इसके बावजूद स्थानीय हिंदुओं ने इसका कड़ा विरोध किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। हालाँकि, अब सीएम भूपेंद्र पटेल ने मामले की जाँच के आदेश दिए हैं।
मंदिरों पर अवैध फ्लैट बनाने के खिलाफ सालों से लड़ रहे: स्थानीय हिंदू
ऑपइंडिया की टीम मौके पर पहुँची और मामले की जानकारी ली। टीम ने स्थानीय लोगों से भी बात की। अवैध रूप से निर्मित इमारत का नाम ‘कबीर हाइट्स’ है। इस इमारत में बने सभी फ्लैटों में मुस्लिम परिवार रहते हैं। एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि मुख्यमंत्री का आदेश जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए दिया गया है।
उन्होंने आगे बताया कि मंदिर के ऊपर बनी इस अवैध इमारत के खिलाफ वे सालों से संघर्ष कर रहे हैं। वे कहते हैं कि स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायतें और ज्ञापन देने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला।
एक अन्य स्थानीय निवासी ने बताया कि कई साल पहले इस जगह पर एक कुआँ था, इसीलिए इस जगह को गाँवकूवा कहा जाता है। कुएँ पर माताजी का एक मंदिर था, लेकिन समय के साथ-साथ इस मंदिर पर गलत तरीके से निर्माण किया गया। उन्होंने माँग की कि इस निर्माण को पूरी तरह से हटा दिया जाए। दानिलिम्दा के बीजेपी अध्यक्ष ने भी इस विवाद पर ऑपइंडिया से बात की।
बीजेपी अध्यक्ष ने बताया कि इस क्षेत्र में लंबे समय से चर्चा, संघर्ष और याचिकाओं का दौर चल रहा था। स्थानीय लोगों ने भी कई जगहों पर याचिकाएँ दायार की थीं और अब इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जाँच के आदेश दिए हैं। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद ऐसा लगता है कि स्थानीय हिंदुओं और मंदिर को न्याय जरूर मिलेगा। इस बीच स्थानीय लोगों ने भी भूपेंद्र पटेल सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।
गौरतलब है कि पहले मंदिर का शिखर भवन दिखाई देता था, लेकिन अब काफी समय से भवन के बाहर बोर्ड लगा दिए गए हैं। इन बोर्ड के कारण शिखर ढक गया है। इसके अलावा वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि मंदिर की पहचान छिपाने के लिए जाल लगाने का प्रयास किया गया है।
(यह रिपोर्ट मूलरूप से गुजराती भाषा में लिखी गई है, जिसे पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।)


