अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (16 दिसंबर 2025) को वेनेजुएला में आने-जाने वाले सभी प्रतिबंधित तेल टैंकरों पर पूर्ण नाकेबंदी का आदेश दिया। ट्रंप ने इसकी घोषणा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल के जरिए की।
उनका आरोप है कि वेनेजुएला सरकार तेल संसाधनों का इस्तेमाल ड्रग तस्करी, आतंकवाद और मानव तस्करी जैसे अपराधों को फंड देने में कर रही है। जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के समुद्र-तट के पास एक तेल टैंकर को पकड़ा था। ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका अब वेनेजुएला की सिस्टमैटिक चोरी और आपराधिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
U.S. फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने एक बार फिर एयरलाइंस को वेनेजुएला के ऊपर से उड़ान भरते वक्त अलर्ट रहने की चेतावनी दी है। यूएस प्रशासन का कहना है कि यहाँ से उड़ान भरते समय ‘सिक्योरिटी की स्थिति बिगड़’ सकती है। FAA ने एक नोटिस जारी कर कहा है कि खतरे सभी ऊँचाई पर उड़ने वाले एयरक्राफ्ट के लिए पैदा हो सकते हैं।
नौसैनिक घेराबंदी और मादुरो पर दबाव
ट्रंप ने दावा किया कि वेनेजुएला दक्षिण अमेरिका के इतिहास के सबसे बड़े अमेरिकी नौसैनिक बेड़े से घिरा हुआ है और यह घेराबंदी आगे और मजबूत की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक काराकस अमेरिका से चुराए गए तेल, जमीन और अन्य संपत्तियाँ वापस नहीं करता, तब तक दबाव जारी रहेगा।
ट्रंप प्रशासन ने मादुरो सरकार को विदेशी आतंकवादी संगठन करार देते हुए उस पर ड्रग तस्करी, अपहरण और हिंसा के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। हालाँकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट नहीं किया कि नाकेबंदी को व्यावहारिक रूप से कैसे लागू किया जाएगा और इसमें सहयोगी देशों की क्या भूमिका होगी।
मादुरो का जवाब और आर्थिक असर
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिकी कदमों को समुद्री लूट करार देते हुए देश की संप्रभुता की रक्षा का संकल्प दोहराया है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला बहुआयामी हमलों का सामना कर रहा है, लेकिन झुकेगा नहीं। वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है और उसकी अर्थव्यवस्था काफी हद तक तेल निर्यात पर निर्भर है।

