₹15600 करोड़ की सौगात, ‘नेचर-थीम’ एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन और कॉन्ग्रेस पर वार: असम से विपक्ष पर बरसे PM मोदी, कहा- दशकों तक हुई पूर्वोत्तर की उपेक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (20 दिसंबर 2025) को असम के गुवाहाटी में 15,600 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का तोहफा दिया। उन्होंने देश के पहले ‘नेचर-थीम’ वाले गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया और नामरूप में खाद कारखाने की नींव रखी।

पीएम ने अपने संबोधन में असम के साथ अपने आत्मीय लगाव का जिक्र किया और कहा कि आज असम भारत के ‘ईस्टर्न गेटवे’ (पूर्वी द्वार) के रूप में उभर रहा है, जो भारत को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने वाला सबसे बड़ा पुल बनेगा।

विकास भी और विरासत भी: ‘बैम्बू ऑर्किड’ टर्मिनल

नए एयरपोर्ट टर्मिनल की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह टर्मिनल ‘विकास भी और विरासत भी’ के मंत्र का जीता-जागता उदाहरण है। 1.4 लाख वर्ग मीटर में फैला यह टर्मिनल असम की संस्कृति, जैव विविधता और बांस शिल्प को समर्पित है।

इसमें 140 टन स्थानीय बांस और 57 ऑर्किड के आकार के खंभों का इस्तेमाल हुआ है। ‘स्काई फॉरेस्ट’ की खासियत बताते हुए पीएम ने कहा कि यहाँ यात्रियों को जंगल जैसा अहसास होगा। उन्होंने बताया कि आधुनिक कनेक्टिविटी ही किसी राज्य के आत्मविश्वास को बढ़ाती है और असम अब उसी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

कॉन्ग्रेस की गलतियाँ और मोदी का सुधार

पीएम मोदी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस के एजेंडे में कभी पूर्वोत्तर का विकास था ही नहीं। कॉन्ग्रेस के नेता कहते थे कि ‘असम जाता ही कौन है?’ और इसी सोच की वजह से इस क्षेत्र को दशकों तक आधुनिक एयरपोर्ट, बेहतर रेल और हाईवे से वंचित रखा गया।

पीएम ने कहा कि कॉन्ग्रेस ने दशकों तक जो गलतियाँ कीं, उनकी सरकार एक-एक करके उन्हें सुधार रही है। उन्होंने बांस (Bamboo) का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले की सरकार ने इसे ‘पेड़’ की श्रेणी में रखा था जिससे इसे काटना कानूनी जुर्म था, लेकिन हमने कानून बदलकर इसे ‘घास’ की श्रेणी में डाला ताकि यहाँ के लोगों की कमाई बढ़ सके।

विभाजन की साजिश और घुसपैठ पर प्रहार

पीएम मोदी ने इतिहास का जिक्र करते हुए कॉन्ग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आजादी के समय जब मुस्लिम लीग और अंग्रेज असम को ‘पूर्वी पाकिस्तान’ का हिस्सा बनाने की साजिश रच रहे थे, तब कॉन्ग्रेस भी उसी साजिश का हिस्सा बनती दिख रही थी।

यह गोपीनाथ बोरदोलोई जी ही थे जिन्होंने अपनी पार्टी के खिलाफ जाकर असम को भारत का हिस्सा बचाए रखा। घुसपैठ के मुद्दे पर पीएम ने कहा कि उनकी सरकार अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें निकालने के सख्त कदम उठा रही है, जबकि कॉन्ग्रेस के वकील आज भी अदालतों में घुसपैठियों को बसाने के लिए दलीलें दे रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि जिस क्षेत्र में पहले हिंसा होती थी, आज वहाँ 5G टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर पहुँच रहे हैं।