ढाका में शनिवार (20 दिसंबर 2025) को हादी को सुपुर्दे खाक किया गया था। इस दौरान हजारों लोग वहाँ मौजूद थे।
हादी को लेकर यूनुस के बयान की बांग्लादेश और यहाँ तक कि पूरी दुनिया में रहने वाले बांग्लादेशी इंतजार कर रहे थे। हादी को सुपुर्द ए खाक किए जाने के बाद मोहम्मद यूनुस ने कहा कि हादी ने बांग्लादेश को ऐसा मंत्र दिया है, जिसे देश कभी नहीं भूल सकता।
हादी का मंत्र हमेशा याद रहेगा- यूनुस
डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, यूनुस ने अपने संबोधन में कहा कि जिस तरह लाखों लोग जनाजे पर उमड़े उसी तरह देश और विदेशों में रहने वाले करोड़ों बांग्लादेशी हादी के बारे में सुनने और उन्हें याद करने के लिए एकजुट थे। उन्होंने कहा कि हम हादी ये वादा करने आए हैं कि आपने हमें जो संदेश दिया हम उसे पूरा करेंगे। आपने हमें ऐसा मंत्र दिया है जो हमेशा हमारे कानों में गूँजता रहेगा। उन्होंने कहा, “प्यारे उस्मन हादी, हम यहाँ आपको अलविदा कहने नहीं आए हैं। आप हमारे दिलों में रहते हैं। जब तक बांग्लादेश रहेगा, तब तक आपका नाम रहेगा और आप जिंदा रहेंगे।”
पूर्व पीएम शेख हसीना को सत्ता से बेदखल करने और भारत के खिलाफ माहौल बनाने में हादी की अहम भूमिका थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि मोहम्मद यूनुस का ये संदेश भारत विरोध को हवा देने के लिए तो नहीं था? हादी इंकलाब नाम के संगठन के प्रवक्ता भी थे। हादी की हत्या को लेकर संगठन ने युनूस सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने कहा है कि हादी की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं उसे सार्वजनिक तौर पर बताया जाए।
कहीं इस दबाव में आकर तो यूनुस ने ये बयान नहीं दिया है। इसका पता आगे उठाए जा रहे उनके कदमों से चलेगा। हादी फरवरी 2026 में होने वाले चुनाव में लड़ना चाहते थे। वह कैंपेन कर विजोयनगर से रिक्शे से लौट रहे थे। इस दौरान ही बाइक सवार दो लोगों ने उन पर गोलियाँ चला दी थी। गंभीर रूप से घायल हादी को ढाका के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ से सिंगापुर भेज दिया गया। सिंगापुर में ही उनकी मौत हो गई थी।
7 आरोपित गिरफ्तार, यूनुस ने की थी पुष्टि
इससे पहले रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपित लिमोन सरकार सहित सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मोहम्मद लिमोन सरकार, मोहम्मद तारिक हुसैन, मोहम्मद मानिक मिया, एरशाद अली, निजुम उद्दीन, आलमगीर हुसैन और मोहम्मद मिराज हुसैन अकोन के रूप में हुई है।
मोहम्मद यूनुस ने खुद सोशल मीडिया पर इन गिरफ्तारियों की जानकारी दी थी। मोहम्मद यूनुस ने साफ कहा था कि लोकतंत्र के इस दौर में नफरत और हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

