डेमोक्रेट नेता जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क सिटी के मेयर पद की शपथ ली। इस दौरान उनके कुरान पर हाथ रखा। इतना ही नहीं एक पॉकेट साइज कुरान उन्होंने अपने पॉकेट में भी रखी थी। यानी दो-दो कुरान लेकर ममदानी अमेरिका के सबसे बड़े शहर के पहले मुस्लिम मेयर बने।
34 साल के सबसे युवा ममदानी को अटॉर्नी जनरल और उनकी राजनीतिक सहयोगी लेटिशिया जेम्स ने शपथ दिलाई। खूबसूरत पुराने सिटी हॉल स्टेशन के मेहराबदार छतों के नीचे ये शपथ ग्रहण समारोह हुआ।
सोशल मीडिया पर इसको लेकर आलोचना हो रही है। खुद को कम्यूनिस्ट कहने वाले ममदानी को हाथ में कुरान पकड़ना क्यों पड़ा। शपथ तो अमेरिकी संविधान की ले रहे थे वो।
Zohran Mamdani is set to be the first Mayor of New York City to be sworn in on the Quran.
— Avery Daye (@AveryDaye) December 31, 2025
Swearing on the Quran implies a commitment to Islamic law (Sharia) over U.S. laws. This erodes the separation of church and state, ignoring that the oath is to uphold the Constitution… pic.twitter.com/C1IKjn5lVN
एक यूजर का मानना है कि कुरान लेकर शपथ लेने का मतलब है कि U.S. कानूनों के बजाय इस्लामिक कानून (शरिया) के प्रति कमिटमेंट। यह धर्म और राज्य के बीच के अंतर को कम करता है। उन्होंने इस बात को नजरअंदाज किया कि ये शपथ संविधान को बनाए रखने की है, चाहे कोई भी किताब इस्तेमाल की गई हो।
खुद को मुस्लिम इंडियन बोलकर न्यूयॉर्क के मुस्लिम और इंडियन वोटर को अपने पक्ष में करने वाले ममदानी कुरान हाथ में लेकर ये साबित करने की कोशिश की कि वो ‘पक्के इस्लामी’ हैं। मशहूर फिल्म निर्माता निदेशक मीरा नायक के पुत्र ममदानी भारतीय मूल के हैं। लेकिन जब बात भारत और हिन्दू धर्म की आती है तो उनके बयान कई सवाल पैदा करते हैं।
ममदानी ने अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन को ‘मस्जिद के विध्वंस का उत्सव’ और ‘हिंदुत्व फासीवाद’ का प्रतीक बताया था। यह बयान भारत के लोकतांत्रिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को नकारता है और करोड़ों हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुँचाता है। जनवरी 2024 में, ममदानी न्यूयॉर्क में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के खिलाफ आयोजित प्रदर्शनों में शामिल हुए। इन रैलियों के दौरान कथित तौर पर हिंदुओं के खिलाफ अपमानजनक नारे लगाए गए थे।
मेयर जोहरान के आलोचक और हिंदू समुदाय का बड़ा वर्ग उन्हें ‘हिंदू-विरोधी’ और ‘भारत-विरोधी’ कहता है। दरअसल ममदानी ने सार्वजनिक रूप से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘वॉर क्रिमिनल‘ (युद्ध अपराधी) कहकर संबोधित किया और उन्हें 2002 के गुजरात दंगों के लिए दोषी ठहराया। यह बयान तब दिया गया, जब भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पीएम मोदी को दंगों के संबंध में पहले ही क्लीन चिट दी जा चुकी है। उन्होंने यहाँ तक कहा था कि गुजरात में कोई मुस्लिम नहीं बचा है।

