‘रामायण-महाभारत से जुड़ी कहानियों पर बनाएँ गेम्स’: यंग लीडर्स डॉयलॉग में PM मोदी ने की Gen-Z से अपील, बोले- हनुमान जी तो पूरी दुनिया की गेमिंग चला सकते हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय युवा दिवस पर नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ कार्यक्रम को संबोधित किया। पीएम मोदी ने ‘भारत में जेन-जी का मिजाज क्या है?’ पर अपनी बात रखी।

इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “हमारी अमृत पीढ़ी विकसित भारत के निर्माण के लिए संकल्पित है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि भारत में ‘जेन-जी’ का मिजाज क्या है। भारत का ‘जेन-जी’ रचनात्मकता से भरा हुआ है।”

पीएम मोदी ने कहा, “डिजिटल इंडिया ने भारत में क्रिएटर्स का एक नया समुदाय खड़ा कर दिया है। भारत आज ऑरेंज इकोनॉमी यानी कल्चर, कंटेंट और क्रिएटिविटी का अभूतपूर्व विकास देख रहा है। हमारी जो कहानियाँ हैं रामायण, महाभारत बहुत कुछ है, क्या हम उसे गेमिंग की दुनिया में ले जा सकते हैं? पूरी दुनिया में गेमिंग एक बहुत बाज़ार है। हम अपनी पौराणिक कथाओं को लेकर भी गेमिंग की दुनिया में नए खेल ला सकते हैं। हमारे हनुमान जी पूरी दुनिया की गेमिंग को चला सकते हैं।”

साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कोई भी देश बिना आत्मविश्वास के आत्मनिर्भर और विकसित नहीं हो सकता। इसीलिए अपने सामर्थ्य, अपनी विरासत पर गौरव का भाव हमें खलता है। ब्रिटिश राजनेता मैकाले ने गुलामी की भावना विकसित की। हमें मिलकर गुलामी की मानसिकता को खत्म करना है। पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि 200 साल पुराने इस पाप को धोना है।”

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “अपनी विरासत और अपनी आइडिया को कमतर नहीं आँकना है। स्वामी विवेकानंद का जीवन में हमें यही सिखाता है। उन्होंने दुनिया भर का भ्रमण किया, लेकिन उन्होंने भारत की विरासत पर फैलाए गए भ्रम को तोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने कुरीतियों को चैलेंज किया। वो बेहतर भारत बनाना चाहते थे, उसी भावना के साथ इस पीढ़ी को भी आगे बढ़ना है।”