कॉन्ग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर दावा किया कि भारत, बांग्लादेश को 50 रुपए में डीजल बेच रहा है लेकिन भारत की आम जनता को 90 रुपए में बेचा जा रहा है। लेकिन इस मामले की सच्चाई कुछ और ही है। कॉन्ग्रेस ने इस पोस्ट के जरिए दो अलग-अलग कीमतों की तुलना कर लोगों को बरगलाने की कोशिश की है।
क्या है कॉन्ग्रेस का दावा?
कॉन्ग्रेस ने 12 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट और वीडियो शेयर कर लिखा, “आज एक आम भारतीय 90 रुपए लीटर डीजल खरीदने को मजबूर है। लेकिन मोदी सरकार यही डीजल बांग्लादेश को सिर्फ 50 रुपए लीटर में बेच रही है। मोदी जी… ये भेदभाव क्यों?”
आज एक आम भारतीय 90 रुपए लीटर डीजल खरीदने को मजबूर है।
— Congress (@INCIndia) January 12, 2026
लेकिन मोदी सरकार यही डीजल बांग्लादेश को सिर्फ 50 रुपए लीटर में बेच रही है।
मोदी जी… ये भेदभाव क्यों? 🤨 pic.twitter.com/2m2F3OUrib
फैक्ट चेक क्या कहता है?
ऑपइंडिया और अन्य फैक्ट-चेकर्स की पड़ताल के अनुसार, कॉन्ग्रेस का यह दावा भ्रामक है। दरअसल, यह पूरा विवाद 7 जनवरी 2026 की एक खबर से शुरू हुआ, जिसमें बताया गया था कि बांग्लादेश भारत की नुमालीगढ़ रिफाइनरी से 1.80 लाख टन डीजल खरीदेगा, जिसकी कीमत 14.62 बिलियन टका तय हुई। इसी रकम को रुपए में बदलकर कुल डीजल मात्रा से भाग दिया गया और गलत तरीके से 50 रुपए प्रति लीटर का आँकड़ा निकाला गया।
बांग्लादेश द्वारा भारत से डीजल खरीदे जाने पर कांग्रेसी इकोसिस्टम ने फैलाया दुष्प्रचार
— ऑपइंडिया (@OpIndia_in) January 13, 2026
सोशल मीडिया पर किया जा रहा है बांग्लादेश में ग्राहकों को ₹50/लीटर डीजल मिलने का भ्रामक दावा@RitikaChandola ने किया Fact check, बेनकाब हुआ कांग्रेसी प्रपंच pic.twitter.com/7B7hst3Olm
असल में यह थोक (wholesale) कीमत है, न कि आम लोगों को मिलने वाली कीमत। बांग्लादेश में आम उपभोक्ता को डीजल 102 टका यानी करीब 75 रुपए प्रति लीटर मिलता है। वहीं भारत में डीजल की कीमत राज्यों के VAT की वजह से अलग-अलग है। तेलंगाना जैसे राज्यों में ज्यादा VAT होने के कारण डीजल 97 रुपए से ऊपर बिक रहा है। कॉन्ग्रेस को अगर यह बताना है कि भारत में आम लोगों को किस कीमत पर डीजल मिल रहा है तो यह भी बताया जाना चाहिए कि बांग्लादेश के लोगों को यह किस कीमत में मिल रहा है।
दरअसल, दो अलग-अलग कीमतों के जरिए कॉन्ग्रेस का मकसद यही है कि किसी तरह लोगों को भ्रमित किया जा सके। फैक्ट चेक साफ बताता है कि कॉन्ग्रेस का यह दावा पूरी तरह भ्रामक है और पूरी जानकारी के बिना किया गया पोस्ट गलत तस्वीर पेश करता है।

