‘मूर्तियाँ सुरक्षित, कोई मंदिर नहीं टूटा’, मणिकर्णिका घाट विवाद के बीच CM योगी पहुँचे वाराणसी: कहा- काशी को बदनाम करने की साजिश

काशी के ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्विकास कार्य को लेकर बीते करीब एक सप्ताह से सियासी विवाद तेज हो गया है। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार (17 जनवरी 2026) को वाराणसी पहुँचे और सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे विवाद पर सरकार का पक्ष रखा।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, “कुछ लोग है जो काशी को बदनाम करते हैं। मुझे याद है, जब काशी विश्वनाथ का काम शुरू हुआ था तो उसके खिलाफ साजिश की थी। आज भी वही लोग काशी को बदनाम कर रहे हैं।” 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही तस्वीरों के जरिए यह झूठ फैलाया जा रहा है कि मूर्तियों और मंदिरों को तोड़ा जा रहा है, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के दौरान किसी भी धार्मिक संरचना को नष्ट नहीं किया गया है और जिन मूर्तियों को अस्थायी रूप से हटाया गया है, उन्हें संरक्षित रखा गया है।

गौरतलब है कि विपक्षी दलों खासकर सपा और कॉन्ग्रेस ने आरोप लगाया था कि विकास के नाम पर सदियों पुरानी मूर्तियों को नुकसान पहुँचाया गया है। इन आरोपों के बाद वाराणसी के मेयर और क्षेत्रीय भाजपा विधायक मणिकर्णिका घाट पहुँचे और कहा कि कोई मंदिर नहीं तोड़ा गया है और निर्माण पूरा होने के बाद मूर्तियों को पुनः स्थापित किया जाएगा। काशी विद्वत परिषद ने भी जनता से भ्रम में न आने की अपील की है।