सीतापुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट ‘मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट’ से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन यह कदम सत्ता छोड़ने के बजाय उसे सुरक्षित करने की एक सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है। आजम के साथ उनकी बीवी डॉ तंजीन फातिमा और छोटे बेटे अब्दुल्ला आजम ने भी पदों को छोड़ दिया है।
दरअसल, आजम खान इस प्रोजेक्ट से अपना नियंत्रण खत्म नहीं होने देना चाहते, इसीलिए उन्होंने एक नया दाँव खेलते हुए अपनी बहन निकहत अफलाक को ट्रस्ट का नया अध्यक्ष और बड़े बेटे मोहम्मद अदीब आजम को सचिव नियुक्त किया है। मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने ट्रस्ट की इस नई कार्यकारिणी की पुष्टि कर दी है।
जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी पर अवैध कब्जे और धोखाधड़ी के करीब 30 गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनकी जाँच पिछले पाँच सालों से जारी है। आजम खान और अब्दुल्ला आजम फिलहाल दोहरे पैन कार्ड मामले में सजा काट रहे हैं।
योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही आजम खान पर कानूनी शिकंजा कसना शुरू हुआ था, जिसके चलते उन पर कुल 90 से अधिक केस दर्ज हुए। ट्रस्ट के अधीन आने वाली यूनिवर्सिटी के लिए खरीदी गई 1500 बीघा जमीन की जाँच और जाँच एजेंसियों की कार्रवाई ने आजम के वर्चस्व को हिलाकर रख दिया है।
कानूनी पेचीदगियों से बचने और ट्रस्ट की संपत्ति पर अपना परोक्ष नियंत्रण बनाए रखने के लिए आजम ने परिवार के अन्य सदस्यों और करीबियों को नई टीम में शामिल किया है।

